चित्रकूट, जेएनएन। महर्षि वाल्मीकि आश्रम लालापुर में पहली बार सीएम योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को पहुंचे। योगी आदित्यनाथ अपने कार्यकाल के दौरान सबसे ज्यादा बार चित्रकूट आने वाले मुख्यमंत्री बन गए हैं।

शुक्रवार को वाल्मीकि जयंती के अवसर पर यहां सातवीं बार आए। पहले सीएम को 11:45 पर पहुंचना था और सायं 03:10 बजे उनकी होनी थी, लेकिन नए प्रोटोकॉल के तहत वह यहां 01:54 पर पहुंचे। जिला प्रशासन की ओर मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। समारोह से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद 03:54 पर वे लखनऊ के लिए रवाना हुए।

सबके साथ सबके विकास का लक्ष्य साकार हो रहा है

तीन बजकर 16 मिनट पर भारत माता की जय और वंदेमातरम के नारे के साथ मुख्यमंत्री ने संबोधन शुरू किया। वे बोले कि भारत के रामायणकालीन अति प्राचीन परंपरा के वाहक दो ऋषियों की जयंती है। पहले वाल्मीकि जी, जिन्होंने भगवान राम से साक्षात्कार कराया है। और दूसरे राष्ट्रऋषि नानाजी की जयंती है। मैं दोनों को नमन करता हूं। मैं तो अर्से से महर्षि वाल्मीकि आश्रम आना चाहता था। जो धरती हजारों वर्षों की विरासत को समेटे रामायणकाल का स्मरण कराती है मैं स्वयं उस धरती के दर्शन करना चाहता था। हजारों साल पहले भगवान राम प्रयाग आए वहां से वाल्मीकि जी से मिलकर चित्रकूट गए थे। वाल्मीकि जी के दर्शन को पूज्य तुलसी जी ने रामकथा घर घर पहुंचाई। लोग सनातन धर्म पर सवाल खड़े करते हैं। सनातन धर्म के मूल्यों को हजारों वर्ष से साधना बनाने वाले वाले वाल्मीकि जी की अखंड रामायण का पाठ कराने का मौका मिला। प्रदेश के हर देव मंदिर में ये पाठ शुरू हो रहा है। आज तो ऐसा समय है कि हर क्षेत्र में बदलाव दिखने लगा है। प्रभु श्रीराम का चित्रकूट आज नए कदम बढ़ा रहा है। यही तो रामराज्य है, जहां किसी प्रकार का कोई भेदभाव नहीं है।

राज्यमंत्री समेत पार्टी के पदाधिकारियों के साथ पहुंचे मंदिर

हेलीपैड पर राज्यमंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, सांसद आरके पटेल, जिलाध्यक्ष चंद्रप्रकाश खरे, मानिकपुर विधायक आनन्द शुक्ला आदि ने स्वागत किया। मुख्यमंत्री हेलीपैड से सीधे कार के जरिए असावर मंदिर पहुंचे। मंदिर में उन्होंने मां असावरी माता के दर्शन कर पूजा की। वाल्मीकि आश्रम के महंत भरतदास महाराज ने उनकी अगवानी की। असावरी माता व महर्षि वाल्मीकि की पूजा करने के बाद सीएम योगी पर्वत की शिखर में वाल्मीकि आश्रम पहुंचे। यहीं पर उन्होंने अखंड रामायण पाठ का शुभारंभ किया। इसके बाद कुछ देर उन्होंने संतों के साथ बैठकर चर्चा भी की।

 

विकास की दृष्टि से इस साल को बताया सरकार के लिए अहम

सीएम योगी केंद्र और प्रदेश सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि ये साल हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इस वर्ष प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का लाभ हमें प्रत्येक घर तक पहुंचाना है। आज 500 साल के अंतराल के बाद अयोध्या में भव्य मंदिर का निर्माण शुरू कर दिया गया है। यदि कोरोना न होता तो हर गांव से एक व्यक्ति अयोध्या जरूर जाता। हमारा लक्ष्य है कि कोरोना खत्म होने पर हर गांव से लोगों को कारसेवा कराएंगे। हमने जनता को बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे दिया और बस अब कुछ ही दिन में बांदा और चित्रकूट घर-घर तक पीने योग्य जल पहुंचाएंगे। सीएम ने डिफेंस कॉरीडोर का जिक्र करते हुए कहा कि तोपें चित्रकूट में बनेंगी। प्रभु श्रीराम और गोस्वामी तुलसीदास की तपस्थली के साथ ये जिला दुश्मन के दांत खट्टे करेगा।

 

आदिकवि महर्षि वाल्मीकि को  बताया पूजनीय

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि हमारे पूज्य हैं। उन्होंने ही हम सबका राम से साक्षात्कार कराया। वाल्मीकि रामायण लौकिक भाषा का महाकाव्य है। इसीलिए वो आदिकवि कहलाए। दुनिया में राम को पहुंचाने का श्रेय महर्षि वाल्मीकि जी को जाता है। यतो धर्म: ततो जय: इसलिए धर्म के संरक्षण में जुटें।  आधुनिक वाल्मीकि तुलसी जी ने राजपुर में जन्म लेकर रामचरित मानस दिया। एक समय था जब धर्म जागरण करना गुनाह माना जाता था और अब गांव गांव में रामलीला मंचन हो रहा।

ग्रामीण क्षेत्र को स्वावलंबी बनाकर सच करेंगे नानाजी का सपना

सीएम ने अपने उद्बोधन में कहा कि लालापुर और राजापुर को जोड़कर पर्यटन का नया स्वरूप विकसित करेंगे। बुंदेलखंड में चित्रकूट वायुसेवा से जुड़ेगा। पहाड़ी पर हवाई अड्डा पर उतरने का सौंदर्य होगा। ग्रामीण क्षेत्र को स्वावलंबन की दिशा में बढ़ाएंगे। नानाजी के सपने को साकार करना है। उन्होंने आधुनिक भारत मे ग्रामीण स्वावलंबन का सपना देखा था। उसके हम सभी एक साथ जुटेंगे। अपने संबोधन को समाप्त करते वे बोले कि आज शरद पूर्णिमा है। आप सभी अपने जीवन को धन्य करें। इस दौरान उन्होंने रामायण पर शोध की कार्ययोजना बने व तुलसी जन्मस्थली के विकास पर फोकस किया।

 

दो गज दूरी मास्क है जरूरी का मूलमंत्र फिर दोहराया

सीएम याेगी आदित्यनाथ ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना के खिलाफ देशव्यापी लड़ाई में सबको सहयोग देना है। दवा और वैक्सीन के न आने तक बचाव ही उकमात्र उपाय है। इइसके साथ ही दो गज दूरी मास्क है जरूरी का मूलमंत्र लोगों को समझाते हुए उन्होंने अपना भाषण खत्म किया और तीन बजकर 54 मिनट पर लखनऊ के लिए रवाना हो गए। 

 

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