उन्नाव, जेएनएन। पुरवा खंड शिक्षाधिकारी द्वारा ब्लाक समन्वयक केंद्र से चलाये जा रहे इंटरनेट मीडिया के ग्रुप पर एक शिक्षक द्वारा अश्लील वीडियो व फोटो भेजने के मामले में उसे निलंबित कर दिया गया। वहीं दूसरे शिक्षक को बीएसए के फोन पर अनुचित व अवैधानिक मैसेज भेजने पर निलंबित कर दिया गया। दोनों ही मामलों में बीएसए ने कार्रवाई की है।

13 सितंबर को खंड शिक्षाधिकारी पुरवा द्वारा दी गई आख्या में शिक्षक संतोषी नंदन शुक्ला के मोबाइल में आपत्तिजनक अश्लील वीडियो मैसेज के संरक्षित होने व मोबाइल से भेजे जाने की पुष्टि होने पर उनके निलंबन की कार्रवाई तय की गई है। शिक्षक पर अनुशासनात्मक कार्यवाई प्रकरण की जांच के लिए खंड शिक्षाधिकारी बांगरमऊ को जांच अधिकारी नामित किया गया है। जांच अधिकारी शिक्षक को 15 दिन के भीतर आरोप पत्र प्राप्त कराकर उत्तर लेकर रिपोर्ट बीएसए को देंगे। मामले में बीएसए जय सिंह ने बताया कि बीईओ पुरवा के बीआरसी ग्रुप में 250 शिक्षक व शिक्षिकाएं जुड़ी हुई हैं। जिसमें बीईओ पुरवा द्वारा अश्लील वीडियों भेजने की रिपोर्ट दी गई थी। दूसरे प्रकरण में सफीपुर में संचालित कंपोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय खरगौरा के शिक्षक सुधीर सिंह कुशवाहा सात अक्टूबर को बीएसए के निरीक्षण में उपस्थित पंजिका में हस्ताक्षर होने के बाद भी गायब मिले थे। जिस पर बीएसए ने उस दिन का वेतन अवरूद्ध करने की कार्रवाई की थी। जिसके बाद शिक्षक ने बीएसए के मोबाइल पर वाट्सएप के माध्यम से अनुचित व अवैधानिक मैसेज भेजकर राजनैतिक प्रभाव जताते हुए अनैतिक दबाव बनाने का प्रयास किया था। जिस पर बीएसए ने शिक्षक को निलंबित करके बीईओ बीआरसी हिलौली संबद्ध किया है। साथ ही मामले की जांच के लिए खंड शिक्षाधिकारी असोहा को नामित कर आगे की कार्रवाई पूरा कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। बीएसए जय सिंह ने कहा कि कोई भी शिक्षक अगर अनुशासनहीनता करता पाया गया तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

Edited By: Abhishek Agnihotri