कानपुर, जेएनएन। कानपुर-लखनऊ रेल रूट पर स्मार्ट सिग्नल प्रणाली अपनाने के लिए उन्नाव जंक्शन पर नॉन-इंटरलॉकिंग को लेकर अंतिम चरण का कार्य दोपहर एक बजे से शुरू हुआ। शाम करीब छह बजे तक चलने वाले ब्लाक में ट्रेनों की गति पर कोई असर न पड़े, इसके लिए कॉशन देकर उन्हेंं गंतव्य की ओर रवाना किया जा रहा। दोपहर करीब 1.35 बजे उन्नाव जंक्शन में नई दिल्ली-लखनऊ स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस रोकनी पड़ी। करीब दो मिनट तक ट्रेन रुकी रही। डाउन लाइन में आ रही इस ट्रेन को पूर्वी केबिन के पास बनी अस्थाई केबिन से रेलकर्मियों ने आनन-फानन लोको पायलट को हरी झंडी दिखाते हुए 20 किमी प्रति घंटा का कॉशन दिया।

उन्नाव जंक्शन पर नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य मकर संक्रांति पर शुरू हुआ था। पहले दो दिन (गुरुवार और शुक्रवार) को मुख्य लाइनों को छोड़कर लूप लाइन एक, चार व पांच पर कार्य कराया गया। इसमें ट्रेनों के आवागमन में कोई फर्क नहीं पड़ा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार कानपुर-लखनऊ और उन्नाव के रास्ते रायबरेली, बालामऊ की ओर जाने वाली ट्रेनों पर कार्य का असर शनिवार को दोपहर में लिए गए ब्लाक में रहा। शनिवार को तीन चरणों में ब्लाक लिया गया।

दोपहर एक से शाम करीब छह बजे तक अप व डाउन लाइन में ब्लाक रहेगा। प्रभावित ट्रेनों में छपरा-मथुरा स्पेशल ट्रेन, आगरा-लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस, पुरी आनंद विहार स्पेशल, राप्तीसागर, गोरखपुर-लखनऊ सुपरफास्ट रही। उधर, कानपुर से लखनऊ जा रही नई दिल्ली-लखनऊ स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस को उन्नाव जंक्शन की तीन नंबर लाइन पर रोकना पड़ा। यह ट्रेन करीब दो मिनट खड़ी रही। लोको पायलट को नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य की वजह से लिए गए कॉशन का मेमो देकर ट्रेन को गंतव्य की ओर रवाना किया गया। पांच बजे तक होने वाले ब्लाक में अप व डाउन दोनों लाइन में टेस्टिंग कार्य रेलवे करा रही।

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