कन्नौज, जेएनएन। कोरोनावायरस को लेकर देश में लागू लॉकडाउन में दूल्हे को बाइक और साइिकल से शादी करने जाने के तमाम किस्से अबतक सामने आ चुके हैं लेकिन इस बार दुल्हन ही घर की देहरी लांघ गई। लॉकडाउन में दूल्हा बरात ले जाने में असमर्थ रहा और शादी की तारीख निकल गई तब दुल्हन ही कई किमी का सफर पैदल तय करके उसके घर पहुंच गई तो सभी अचरज में पड़ गए।

लॉकडाउन में हुईं कई शादियां

कोरोना वायरस को लेकर लॉकडाउन शुरू हुआ, इसके बाद के दिनों में सहालग का समय आया। लॉकडाउन में ज्यादातर परिवारों ने आपसी सहमित से शादी टाल दी लेकिन कुछ जगहों पर दूल्हे अकेले ही शादी के लिए दुल्हन के गांव-घर पहुंचते रहे। हमीरपुर, फर्रुखाबाद, कानपुर देहात, कानपुर समेत कई शहरों में ऐसे मामले सामने आए, जिसमें दूल्हा या तो बाइक या फिर सइिकल से ही शादी करने पहुंचा। कोई अनुमित लेकर पांच बराती लेकर गया तो किसी ने बगैर अनुमित अकेले ही तपती धूप में सफर किया। फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के साथ रस्मों से पहले कोरोना नियम भी पूरे किए। कहीं बरातियों का स्वागत इत्र की जगह सैनेटाइजर छिड़ककर किया गया तो कहीं फूल माला से पहले मास्क पहनाया गया। इन सबके बीच कन्नौज में अलग ही मामला सामने आया है।

कन्नौज का दूल्हा और कानपुर देहात की दुल्हन

कन्नौज के थाना तालग्राम के गांव वैसापुर में रहने वाले वीरेंद्र की शादी सीमावर्ती जनपद कानपुर देहात थाना डेरा मंगलपुर के गांव लक्ष्मण तिलक निवासी गोरेलाल की पुत्री गोल्डी से तय हुई थी। चार मई को बरात जानी थी लेकिन लॉकडाउन की वजह से खरीदारी भी नहीं हो सकी। ऐसे में दूल्हा बरात लेकर नहीं पहुंचा और फोन पर दोनों परिवारों के बीच बातचीत के बाद शादी टाल दी गई।

पैदल चलकर पहुंची दूल्हे के घर

शादी टल जाने के बाद भी दूल्हा और दुल्हन की फोन पर बात होती रही। शादी टलना दुल्हन को गवारा न हुआ और उसने दूल्हे के घर जाने की ठान ली। बुधवार सुबह वह घर पर किसी को बताए बिना सलवार सूट पहन कर पैदल ही दूल्हे के घर के लिए निकल पड़ी। इसके बाद करीब साठ किमी तक पैदल चलने के बाद वह वैसापुर कन्नौज पहुंच गई। देर शाम उसे घर के बाहर देखकर दूल्हा और उसके घरवाले अचरज में पड़ गए।

मंदिर में पहनाई वरमाला

दूल्हो के स्वजनों ने उससे वापस घर भिजवाने की बात कही तो वह रोने लगी। उधर, बेटी के न मिलने से परेशान स्वजन के सांस में सांस तब आई जब दूल्हे के घर वालों ने दुल्हन के यह आ जाने की जानकारी दी। दूल्हे के घर वालों ने उससे नई तारीख तय करके शादी करने को कहा लेकिन वह तुरंत शादी की जिद पर अड़ गई। काफी समझाने के बाद भी जब वह नहीं मानी तो फोन पर उसके घर वालों से बात करने के बाद दुकान से शादी का जोड़ा व सामान मंगाया गया। इसके बाद गुरुवार सुबह शकरवारा बगुलिहाई स्थित मंदिर परिसर में आचार्य कमलेश मिश्रा ने मंत्रोच्चारण कर विधि विधान के साथ उनकी शादी कराई। शादी के दौरान फिजिकल डिस्टेंसिंग का घर वालों ने पालन किया और दूल्हा दुल्हन ने मास्क पहनकर अग्नि के सात फेरे लेने के बाद एक दूसरे को वरमाला पहनाई।

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Posted By: Abhishek Agnihotri

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