उन्नाव, जेएनएन। माखी दुष्कर्म मामले में पीडि़ता के चाचा को पेशी के लिए बुधवार को दिल्ली की तिहाड़ जेल से कड़ी सुरक्षा में जिला सत्र न्यायालय लाया गया। यहां पर छह मामलों में कोर्ट में उसकी पेशी होनी है। विधायक के भाई पर जानलेवा हमले के मामले में सजा होने के बाद उसे तिहाड़ जेल में रखा गया है। अभी भी छह से अधिक मुकदमे न्यायालय में विचाराधीन है। 

उन्नाव के चर्चित माखी कांड में दुष्कर्म पीडि़ता के चाचा पर भी कई मुकदमे दर्ज हैं। इनमें सफेदा लगाकर कोर्ट के अभिलेखों से छेड़छाड़,  दुष्कर्म के दोषी कुलदीप द्वारा दर्ज कराए गए मानहानि, जानलेवा हमला और कुलदीप के सहयोगी शशि सिंह के पति द्वारा दर्ज कराया फर्जी टीसी, सीबीआई के गवाह की कब्र को खोदवाने और झूठा प्रार्थना पत्र देने के मामलों की सुनवाई न्यायालय में चल रही है। इन्हीं मामलों में बुधवार को आरोपित चाचा की पेशी होनी है। इसके चलते दिल्ली की तिहाड़ जेल से उसे कड़ी सुरक्षा में पुलिस जिला एवं सत्र न्यायालय लेकर आई। पहली पेशी अपर जिला जज की कोर्ट में हुई। 

चाचा पर दर्ज हो चुके 19 मामले

दुष्कर्म पीडि़ता के चाचा पर 19 मामले दर्ज हुए थे। इसमें आठ में वह दोषमुक्त हो चुका है, जबकि एक में फाइनल रिपोर्ट लग चुकी है। वहीं जीआरपी के दोनों मामलों में कोर्ट उसे दोष मुक्त करार चुकी है। अभी भी माखी थाना में सात, सदर कोतवाली में एक मामला दर्ज हैं। माखी गांव में प्रधान पद के लिए हो रहे चुनाव के दौरान वर्ष 2000 में जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज हुआ था।

दुष्कर्म मामले में दोषी करार कुलदीप सेंगर के भाई पर जानलेवा हमले के मामले में दुष्कर्म पीडि़ता के पिता और दोनों चाचा नामजद थे। पिता और एक चाचा की मौत हो गई थी, जबकि दूसरे चाचा को कोर्ट ने दस साल की सजा सुनाई थी। इसी मामले में उसे गिरफ्तार करके रायबरेली की जेल से दिल्ली की तिहाड़ जेल भेजा गया था। माखी दुष्कर्म कांड के बाद उसपर तीन मामले दर्ज हुए थे, जिनकी सुनवाई अदालत में अभी चल रही है। 

Posted By: Abhishek

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