कानपुर, जेएनएन। कोरोना के चलते यूसीसी बैंक के 18,548 खाताधारकों को राहत मिली है। इन खाताधारकों को उनका धन वापस लेने की अंतिम तारीख 31 मार्च थी लेकिन अब वे 31 जुलाई तक अपने धन को वापस लेने के लिए आवेदन कर सकेंगे। इनका 6.8 करोड़ रुपये अब भी बैंक के पास पड़ा हुआ है। अनियमितताओं के चलते यूसीसी बैंक का लाइसेंस एक जनवरी 2015 को निरस्त हो गया था। इसके लिए लिक्विडेटर नियुक्त किए गए तो 31,617 खाताधारकों की 38.82 करोड़ रुपये की क्लेम लिस्ट डिपाजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कारपोरेशन (डीआइसीजीसी) को भेजी गई।

लिक्विडेटर अनूप कुमार द्विवेदी के मुताबिक दिसंबर 2019 में डीआइसीजीसी ने पी रोड, 80 फीट रोड, गोविंद नगर शाखा के सभी खाताधारकों और परेड के मनी मल्टी प्लायर (एमएमएस) के खाताधारकों को छोड़कर अन्य सभी खाताधारकों का अधिकतम एक लाख तक का फंड जारी कर दिया। इसमें 24,648 खाताधारकों के 24,75,34,551 रुपये मिले थे। मार्च 2021 तक 6,100 खाताधारकों के 17.95 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं। खाताधारकों को अपना धन लेने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2021 थी। अंतिम तिथि गुजरने के बाद भी 18,548 खाताधारकों का 6.80 करोड़ रुपये बंटने से रह गया।

लिक्विडेटर अनूप कुमार द्विवेदी के मुताबिक कोरोना को देखते हुए आरबीआइ को पत्र लिखा था कि धनराशि के वितरण की तारीख बढ़ाई जाए, इस पर रिजर्व बैंक ने इसकी अंतिम तारीख बढ़ाने की अनुमति दे दी है। उन्होंने बताया कि जिन खाताधारकों ने अभी तक आवेदन नहीं किया है, वे आवेदन पत्र के साथ जिस खाते में धन मंगाना हो उसकी कैंसिल चेक, आधार कार्ड की फोटो कापी पी रोड स्थित बैंक के कार्यालय में 25 जुलाई तक जमा कर दें।

लिक्विडेटर के अनुसार मैकराबर्टगंज और सिविल लाइन शाखा के एमएमएस और डेली रिकङ्क्षरग डिपाजिट स्कीम (डीआरडीएस) के खाताधारकों, परेड के एमएमएस खाताधारकों के खातों का आडिट हो रहा है। आडिट के बाद धन मिलने पर मैकराबर्टगंज, सिविल लाइन शाखा के एमएमएस व डीआरडीएस खाताधारकों और परेड के एमएमएस खाताधारकों का 13 करोड़ रुपया छह हजार खाताधारकों में वितरित किया जाएगा।

Edited By: Abhishek Agnihotri