जागरण संवाददाता, कानपुर : रजिस्ट्री विभाग के लिए नवरात्र के दिन सुकून देने वाले रहे। विभाग को इस दौरान करीब साठ करोड़ की आय हुई। पहले कोविड और फिर पितृपक्ष के चलते रजिस्ट्री विभाग की आय थम सी गई थी। बीते वर्ष नवरात्र में भी कोविड प्रोटोकाल के तहत रजिस्ट्रियां की जा रहीं थी लेकिन आय उम्मीद से भी कम रही थी।

कोविड संक्रमण ने राजस्व से जुड़े सभी विभागों की आय पर असर डाला था, इसमें निबंधन विभाग भी एक है। मार्च 2020 के बाद संक्रमण ने गति पकड़ी तो रियल इस्टेट के कारोबार में मंदी आ गई। बड़े खरीदार तो दूर छोटे खरीदार भी मिलने मुश्किल हो गए थे। मार्च 2021 में यही हालात फिर बने तो संभलने की कोशिश कर रहा रियल इस्टेट कारोबार फिर बुरी तरह लड़खड़ा गया। अब कोविड संक्रमण थमा है तो हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। जमीन के छोटे खरीदारों की संख्या में इजाफा हुआ है। सात अक्टूबर गुरुवार से नवरात्र शुरू हुए तो पहले दिन करीब पौने तीन सौ लोगों ने रजिस्ट्री करायी। इस दौरान रविवार और गुरुवार को अवकाश के चलते निबंधन कार्यालय बंद रहा। ऐसे में छह दिनों में करीब दो हजार रजिस्ट्रियां करायी गईं जिससे निबंधन विभाग को करीब 60 करोड़ रुपये की आय हुई।

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पिछले वर्ष हुई थी 35 करोड़ आय

वर्ष 2020 में नवरात्र 17 अक्टूबर से शुरू हुए।उस समय भी निबंधन विभाग को अच्छी आय होने की उम्मीद थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ।नवरात्र में सात दिनों के कार्य दिवस में विभाग को करीब 35 करोड़ की आय हुई थी और करीब 1100 रजिस्ट्रियां पंजीकृत करायी गईं।इस वर्ष नवरात्र में छह कार्य दिवस थे जिसमें करीब दो हजार रजिस्ट्रियां पंजीकृत हुईं और करीब 60 करोड़ की आय प्राप्त हुई।

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1027 करोड़ है लक्ष्य

निबंधन विभाग को इस वित्तीय वर्ष के लिए 1,027 करोड़ रुपये राजस्व जुटाने का लक्ष्य दिया गया है जिसमें अभी तक निबंधन विभाग 350 करोड़ रुपये राजस्व जुटा पाया है।यह आंकड़ा अप्रैल से अक्टूबर 2021 तक का है।बता दें प्रतिवर्ष दस फीसद के हिसाब से लक्ष्य बढ़ा दिया जाता है जबकि वर्ष 2017 से विभाग ने सर्किल रेट नहीं बढ़ाए हैं।

Edited By: Jagran