कानपुर, जेएनएन। कोरोना की दूसरी लहर के बीच ऑक्सीजन के लिए बुरी तरह तड़पे कानपुर में तीसरी लहर से पहले दो उद्यमी ही प्लांट लगा सकेंगे। ये प्लांट अगले एक माह में लग जाएंगे, लेकिन बाकी के प्लांट को लेकर अभी प्रक्रिया चल रही है। इसलिए अधिकारियों का मानना है कि उनके प्लांट अभी नहीं लग पाएंगे।

कानपुर में कोरोना काल के दौरान जिस समय पीक की स्थिति थी तब 125 टन ऑक्सीजन रोज की मांग थी, लेकिन किल्लत के चलते 50 से 55 टन ऑक्सीजन ही कानपुर के खाते में आ पा रही थी। इसी बीच उद्यमियों को ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए आमंत्रित किया गया तो उद्योग निदेशालय के पास 25 आवेदन आ गए, लेकिन अब जबकि दूसरी लहर कानपुर में उतार पर है सिर्फ दो उद्यमी ही ऐसे बचे हैं जो तीसरी लहर से पहले अपने प्लांट चालू कर पाएंगे। इसमें अशोका इंडस्ट्रीज के अशोक कुमार सिंह का पनकी स्थित प्लांट एक माह में शुरू हो जाएगा। इस प्लांट की क्षमता प्रति घंटा 100 ऑक्सीजन सिलिंडर भरने की होगी। इस संबंध में उद्योग विभाग से उन्हें जरूरी कागजात भी दिए जा चुके हैं।

वहीं राधे-राधे इस्पात के निदेशक नवीन जैन का प्लांट भी एक माह में शुरू हो जाएगा। उनका ऑक्सीजन प्लांट विदेश से आयात किया जा रहा है और अगले सप्ताह आने की उम्मीद है। इसके बाद इस प्लांट को लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसके अलावा ऑक्सीजन सिलिंडरों की कमी को देखते हुए उन्होंने 100 सिङ्क्षलडर खरीद लिए हैं, इसके अलावा 350 सिलिंडर के और ऑर्डर दिए जा चुके हैं जो अगले माह की शुरुआत में आ जाएंगे। बाकी सभी उद्यमियों की अभी ऑक्सीजन प्लांट बनाने वाली इकाइयों से बात चल रही है। इन निर्माताओं से फिलहाल कोटेशन और प्लांट लगाने के लिए कौन-कौन से कागजात चाहिए इन पर चर्चा हो रही है। ज्यादातर उद्यमी अभी शुरुआती बातचीत के दौर में ही हैं।

  • फिलहाल तीसरी लहर का जो संभावित समय बताया जा रहा है। उस समय तक सिर्फ अशोक सिंह और नवीन जैन के प्लांट ही शुरू हो सकेंगे। बाकी के प्लांट अभी नहीं लग सकेंगे। -एसपी यादव, सहायक आयुक्त, उद्योग निदेशालय।

Edited By: Abhishek Agnihotri