जागरण संवाददाता, कानपुर : एलएलआर अस्पताल (हैलट) के वार्डो में मच्छरों का जबरदस्त प्रकोप है। भर्ती मरीज व उनके परिजन रात जागकर गुजारने को मजबूर हैं। बावजूद इसके यहां बुखार, मलेरिया एवं डेंगू पीड़ितों का इलाज होता है। जलभराव एवं गंदगी के साथ ही वार्डो के बाहर घास-फूस उगी है। वहीं सफाई कर्मचारी अफसरों के आगे पीछे घूमते रहते हैं।

एलएलआर चिकित्सालय एवं संबद्ध अस्पतालों की सफाई भगवान भरोसे है। जलभराव होने से परिसर में मच्छर पनप रहे हैं। मेडिसिन वार्डो में 40 फीसद मरीज बुखार एवं संदिग्ध डेंगू के भर्ती हैं। वार्ड 10, 12, 13, 14, 15 एवं 16 में मच्छरों का प्रकोप है। ऐसा ही हाल आर्थोपेडिक व सर्जरी वार्ड का भी है। प्रमुख अधीक्षक डॉ. आरके मौर्या का कहना है गंदगी एवं घास-फूस की सफाई कराने का निर्देश दिया है।

कैसे फैलता है डेंगू

डेंगू बुखार मादा एडीज इजिप्टी मच्छर के डंक मारने से फैलता है। मच्छर जब किसी व्यक्ति को डंक मारता है तो उसके रक्त में डेंगू वायरस प्रवेश कर जाते हैं। 8-10 दिन में रोग के लक्षण दिखने लगते हैं। इसका मच्छर 15 दिन जीवित रहता है और 400 मीटर तक ही उड़ सकता है।

मच्छर पनपने का वातावरण

मच्छर के पनपने के लिए 16 से 30 डिग्री सेंटीग्रेड तापमान व 60-80 फीसद आ‌र्द्रता मुफीद है।

एक नजर में अस्पताल

एलएलआर, अपर इंडिया शुगर एक्सचेंज, बाल रोग, मुरारी लाल चेस्ट हास्पिटल एवं संक्रामक रोग अस्पताल।

1056 बेड अस्पताल की क्षमता

4500 ओपीडी में औसतन रोज मरीज आते

100-110 मरीज रोज होते हैं भर्ती

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ओपीडी के पीछे से हटेगा कूड़ाघर

एलएलआर अस्पताल के ओपीडी ब्लॉक के पीछे से कूड़ाघर हटेगा। नया कूड़ाघर प्राइवेट 50 नंबर वार्ड के पीछे की तरफ बनाया जाएगा। इसका निरीक्षण शुक्रवार को प्रमुख अधीक्षक ने ठेकेदार के साथ किया। बंद कूड़ाघर बनाने का निर्देश दिया है। इसके लिए जेई सिविल को प्रस्ताव बनाने को कहा है।

Posted By: Jagran