जागरण संवाददाता, कानपुर : एक बाइक की धुलाई कराने में भी आधे घंटे का समय लगता है लेकिन झकरकटी बस अड्डे पर 10 मिनट में एक बस की धुलाई हो जाती है। प्रतिदिन 60 से 65 बसों की धुलाई की जाती है। यह दावा जनसूचना अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई सूचना के जवाब में परिवहन निगम ने किया है। जबकि बस अड्डे पर धुलाई करने के लिए मात्र एक पंप मशीन लगी है।

अनवरगंज निवासी रफत महमूद ने 13 अगस्त को उप्र राज्य सड़क परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक से जन सूचना अधिकार अधिनियम के माध्यम से जानकारी मांगी थी कि झकरकटी बस अड्डे पर प्रतिदिन कितनी बसों की धुलाई होती है। झकरकटी बस अड्डा के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक राजीव कटियार ने जवाब दिया कि धुलाई केंद्र पर 200 किमी से अधिक दूरी तय करके आने वाली बसों की धुलाई की जाती है। एक बस की धुलाई में औसतन 10 मिनट का समय लगता है और प्रतिदिन 60 से 65 गाड़ियों की धुलाई की जाती है। धुलाई में 8 कर्मचारी लगे हैं। प्रति बस की धुलाई का चार्ज 100 रुपये लिया जाता है। इसका भुगतान उप्र राज्य सड़क परिवहन करता है। इसकी प्रति क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय को भेजी जाती है।

नहीं होते मिली बसों की धुलाई

दैनिक जागरण की टीम शनिवार अपराह्न 2.10 बजे सच्चाई जानने पहुंची तो वहां किसी बस की धुलाई नहीं हो रही थी और धुलाई केंद्र में सन्नाटा था। यहां 2.55 बजे तक यानी 45 मिनट तक कोई बस धुलाई कराते हुए नहीं मिली।

तो क्या 11 घंटे नियमित धुलाई

आरटीआइ से जानकारी लेने वाले रफत महमूद का कहना है कि यदि परिवहन की बात मान भी लें कि 10 मिनट एक बस की धुलाई में लगते हैं और 65 बसों की धुलाई प्रतिदिन हो रही है। तो इतनी बसों की धुलाई में भी 11 घंटे लगेंगे। उन्होंने कहा कि बसों की धुलाई में कुछ खेल है, इसकी उच्चस्तरीय जांच के लिए परिवहन एमडी से जल्द ही मिलेंगे। -------------

सुबह छह बजे से बसों की धुलाई शुरू हो जाती है। धुलाई वाली बसों की पर्ची काटी जाती है, जब तक बसें धुलाई के लिए आती हैं, मशीन चालू रहती है।

राजीव कटियार, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक झकरकटी बस अड्डा

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