कानपुर, जेएनएन। जीएसटी का पंजीकरण बढ़ाने के लिए दुकानों में घुसकर सर्वे करने के सुझाव पर व्यापारी संगठन भड़क गए। उनकी वाणिज्य कर अधिकारियों से गर्मागर्म बहस हुई और एक बार तो सारे व्यापारी उठकर खड़े भी हो गए। बाद में किसी तरह शांत होने पर वार्ता हुई लेकिन व्यापारी संगठनों ने साफ कर दिया कि इस तरह से सर्वे वे नहीं करने देंगे।

जीएसटी पंजीयन बढ़ाने पर चर्चा

मंगलवार को वाणिज्य कर कार्यालय लखनपुर में व्यापारी नेताओं और वाणिज्य कर के अपर आयुक्त ग्रेड वन अशफाक अहमद व आरके सिंह के साथ बैठक हुई। इसमें मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार जीएसटी पंजीयन बढ़ाने पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने कहा कि वे बाजारों में व्यापारी से पूछेंगे कि वह पंजीकृत हैं या नहीं। इस बात पर व्यापारी नेता भड़क गए, दोनों पक्षों में तेज बहस हो गई। एकबारगी तो सारे व्यापारी खड़े भी हो गए। अफसरों के समझाने पर वे बैठेे, लेकिन उन्होंने कहा कि यह संभव नहीं हो पाएगा। दुकान पर जाकर सर्वे का काम स्वीकार नहीं है। अगर पंजीयन बढ़ाना है तो व्यापारी को जागरूक करें। क्योंकि इस तरह के सर्वे के नाम पर व्यापारी का उत्पीडऩ होगा।

बाजार में व्यापारी नेता के प्रतिष्ठान पर की जाए वार्ता

व्यापारी नेताओं ने प्रस्ताव दिया कि पंजीयन बढ़ाने के लिए अधिकारी किसी व्यापारी नेता के प्रतिष्ठान पर आएं और वहीं बाजार के अन्य व्यापारियों से बुलाकर वार्ता कर ली जाए। उन्हें पंजीयन के फायदे बताकर इसके लिए प्रेरित किया जाए और जो व्यापारी सहमत हों वह पंजीकरण कराएं। किसी अधिकारी को सीधे किसी की दुकान पर नहीं जाने दिया जाएगा। इस दौरान नौघड़ा कपड़ा कमेटी के अध्यक्ष शेष नारायण त्रिवेदी ने आधार कार्ड पर ट्रांसपोर्टर को माल भेजने के मामले में विभाग से निर्देश देने को कहा जिसे सभी ने समर्थन किया। बैठक में अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के चेयरमैन सुरेंद्र सनेजा, नरेंद्र तिवारी, कपिल सब्बरवाल, ज्ञानेश मिश्र, अतुल द्विवेदी, श्याम शुक्ल, चंद्राकर दीक्षित, जितेंद्र सिंह, अशोक शुक्ल, संजय मिश्र, मनोज विश्वकर्मा, आशू शर्मा, अरविंद गुप्ता, दिनेश शुक्ल, अनूप तिवारी आदि मौजूद रहे। 

Posted By: Abhishek

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