कानपुर, जेएनएन। बैैंकों के विलय के विरोध में ऑल इंडिया बैैंक इंप्लाइज एसोसिएशन (एआइबीईए) व बैैंक इंप्लाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (बेफी) की ओर से मंगलवार को हड़ताल की घोषणा की गई है। हालांकि नेशनल कनफेडरेशन ऑफ बैंक इंप्लाइज (एनसीबीई) के हड़ताल में शामिल नहीं होने के चलते एसबीआइ पर इसका असर नहीं पड़ेगा। एआइबीईए के नगर सचिव रजनीश गुप्ता ने कहा कि सरकार को बैंकों के विलय पर रोक लगानी चाहिए व ग्र्राहकों से अनावश्यक शुल्क वसूली को बंद करना चाहिए।

कानपुर में सभी बैैंकों की करीब चार सौ शाखाएं

कानपुर में सभी बैंकों की करीब चार सौ शाखाएं हैं। इनमें से सवा सौ शाखाएं स्टेट बैंक की हैं, इसलिए करीब 30 फीसद शाखाओं में हड़ताल का असर नहीं पड़ेगा। स्टेट बैंक प्रबंधन पहले ही नो वर्क-नो पे की चेतावनी जारी कर चुका है। स्टेट बैंक के अलावा पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक, यूनाइटेड कामर्शियल बैंक में भी एनसीबीई की अच्छी सदस्यता है। इसलिए वहां भी हड़ताल प्रभावित होने की उम्मीद है। एनसीबीई के पदाधिकारियों ने सदस्यों को अपनी शाखाएं पहुंचने के लिए कहा है। अगर शाखा प्रबंधक कार्य शुरू करा पाए तो वे कार्य करेंगे अन्यथा लौट जाएंगे।

Posted By: Abhishek

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप