कानपुर, जेएनएन। नवरात्र के साथ ही शुरू हो रहे भारतीय नव वर्ष को विश्व हिंदू परिषद श्रीराम महोत्सव के रूप में मनाएगी। इसकी शुरुआत 13 अप्रैल को चौराहे-चौराहे पर चंदन लगाने से होगी। इसके अलावा इस दौरान श्रीराम मंदिर आंदोलन में भाग लेने वाले कारसेवक या उनके परिजनों को भी सम्मानित किया जाएगा। हालांकि कोरोना संक्रमण को तेजी से बढ़ते देख कार्यक्रमों शामिल होने वालों की संख्या सीमित रखने का निर्णय लिया गया है। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण निधि समर्पण अभियान चलाने के बाद अब विश्व हिंदू परिषद नवरात्र के पहले दिन से 27 जनवरी को हनुमान जयंती तक श्रीराम महोत्सव का आयोजन करने जा रहा है।

इस दौरान विश्व हिंदू परिषद ने बड़े स्तर पर भगवान श्रीराम से जुड़े कार्यक्रम करने की रूपरेखा तैयार की थी लेकिन कोरोना संक्रमण के मामले जितनी तेजी से बढ़ रहे हैं उसे देखते हुए विहिप ने अपने कार्यक्रमों को भी सीमित किया है और उसमें शामिल होने वाले लोगों की संख्या को भी सीमित करने के निर्देश दिए हैं। इस कार्यक्रम के तहत गांव-गांव तक जाकर भगवान श्रीराम की महिमा का गुणगान करने का कार्यक्रम था। इसे अब काफी सीमित कर दिया गया है। कार्यक्रम की शुरुआत 13 अप्रैल को चौराहों पर लोगों को चंदन लगाने के साथ होगी। इसके बाद मंदिरों में श्रीराम भजन के व्यापक कार्यक्रम करने थे लेकिन उन्हेंं अब कोरोना के चलते नया रूप दिया जा रहा है। विश्व हिंदू परिषद के कानपुर प्रांत के सह मंत्री दीन दयाल गौड़ के मुताबिक इन कार्यक्रमों के जरिए प्रभु की जीवन के बारे में ज्यादा से ज्यादा लोगों को बताया जाएगा, लेकिन कोरोना के चलते नियमों का पालन भी किया जाएगा। 

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