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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 30, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Tiddi Dal Attack: कानपुर देहात के गांवों में घुसा टिड्डी दल, कुछ यूं भरता रहा उड़ान, लोगों में छाई दहशत

By Abhishek AgnihotriEdited By:
Published: Tue, 30 Jun 2020 10:30 AM (IST)Updated: Tue, 30 Jun 2020 04:40 PM (IST)

सुबह जहां जहां टिड्डयां उड़ीं वहां लोगों ने ढोल थाली-बर्तन बजाकर और पटाखे फोड़कर खदेड़ने का प्रयास किया।

Tiddi Dal Attack: कानपुर देहात के गांवों में घुसा टिड्डी दल, कुछ यूं भरता रहा उड़ान, लोगों में छाई दहशत
Tiddi Dal Attack: कानपुर देहात के गांवों में घुसा टिड्डी दल, कुछ यूं भरता रहा उड़ान, लोगों में छाई दहशत

कानपुर, जेएनएन। कानपुर नगर से होते ही टिड्डी दल ने मंगलवार दोपहर बाद कानपुर देहात में शिवली के गांवों से प्रवेश किया और गांवों में डेरा जमाया। किसानों ने खेत में डेरा जमा थाली-बर्तन और ताली बजाकर टिड्डी दलों को भगाने का प्रयास किया। टिड्डी दल बसौसी,  टोंडरपुर, शेखूपुर, रास्तपुर, बाघपुर, ककरदही, संभरपुर, बैरी सवाई, बैरी दरियाव, बैरी बस्ता, अनूपपुर, प्रतापपुर, बखरिया, झम्मानिवादा गांव में डेरा जमाए हुए है। यहां से हिस्सों में बंटी टिड्डियों का एक दल नयापुरवा, भेवान, सहतावनपुरवा, औरंगाबाद, बन्नापुर, औनहां की ओर चला गया है। दूसरा दल शिवली से रामपुर, जसापुरवा, औंगी, नाला प्रतापपुर, अरसदपुर गांवों  के ऊपर मंडराता देखा गया। यहां से रसूलाबाद के निराला नगर में टिड्डी दल के पहुंचा तो एसडीएम अंजू वर्मा, तहसीलदार राकेश कुमार सहित अन्य अधिकारी भी पहुंचे और लोगों को टिड्डी दल को भगाने के लिए प्रेरित किया। टिड्डियों के दलों ने रसूलाबाद क्षेत्र के पितानपुरवा, कुशल पुरवा, बहादुरपुर ,पहाड़ीपुर , उसरिया, मित्रसेन पुर कहिंजरी, निराला नगर आदि क्षेत्रों में हमला किया है। 

उन्नाव के शुक्लागंज कटरी क्षेत्र में रात में डेरा जमाए टिड्डयों का दल मंगलवार की सुबह उड़ा तो कानपुर नगर की ओर रुख कर दिया। कानपुर के रिहायश क्षेत्र ख्योरा और अवधपुरी से होते हुए बिठूर के पेम गांव तक उड़ान भरता हुआ गुजरा तो लोगों में दहशत फैल गई। घरों के दरवाजे और खिड़कियां बंद कर लोग कमरों में दुबक गए, हालांकि डीएम ने रात में ही शहरी क्षेत्रों के लिए अलर्ट जारी कर दिया था। इसके चलते सुबह से ही लोग सतर्क थे, सुबह जहां जहां टिड्डयां उड़ीं वहां लोगों ने ढोल, थाली-बर्तन बजाकर भगाने का प्रयास किया। कुछ लोगों पटाखे फोड़कर खदेड़ने का प्रयास किया।

कानपुर में यूं घूम रहा टिड्डी दल

बिठूर के सिंह पुर से होते हुए परगही पेम गांव में धावा बोल दिया तो कृषि विभाग के अधिकारी भी पीछे से पीछा करते हुए पहुंच गए। इससे पहले ही सजग ग्रामीणों ने खेतों में रहे और लाखों की संख्या में टिड्डियां आसमान में उड़ती रही। टिड्डियों का दल मक्का के खेतों पर बैठा तो किसानों ने ढोल पटाखे और तलिया बजाकर भगा दिया। पास के गांव में लोग पहले से पटाखे फोड़कर टिड्डियों को भगाने का प्रयास करते रहे। करीब एक किलोमीटर लंबा टिड्डी दल देखने के लिए ग्रामीण घरों के बाहर रहे। कृषि विभाग के उमाशंकर यादव उमेशधर द्विवेदी ने बताया टिड्डी का दल चौबेपुर के पचोर से बंसठी गांव की तरफ गया है।

यूपी में टिड्डियों के हमले के आसार कम होते नजर नहीं आ रहे हैं। फतेहपुर से आई टिड्डियों की नए दल ने कानपुर, उन्नाव और रायबरेली के गांवों से होते हुए रात में उन्नाव के शुक्लागंज कटरी क्षेत्र में डेरा डाला। इसपर रात में ही गंगा बैराज, जाजमऊ, कटरी, बिठूर क्षेत्र में किसानों और आपदा राहत दल को अलर्ट कर दिया गया है। देर रात डीएम डॉ. ब्रह्मदेव राम तिवारी ने अलर्ट जारी किया और लोगों से अपील किया कि वे अपने घरों के खिड़की, दरवाजे बंद रखें ताकि टिड्डियां घरों में प्रवेश न कर सकें और जैसे ही यह दल दिखे तुरंत खुले वातावरण में थाली , कनस्तर, साउंड सिस्टम, हूटर आदि बजाना शुरू कर दें।

डीएम ने लोगों से बहुत ही आवश्यक होने पर यात्रा की सलाह दी है कहा है कि इस दल में बड़े पैमाने पर टिड्डियां होती हैं इससे असुविधा हो सकती है।उन्होंने गंगा किनारे के लोगों से अपील की है कि वे अपने घर के बाहर या छत पर धुआं करें ताकि यह दल वहां ठहरने के बजाय भाग जाए। डीएम ने बताया कि टिड्डी दल को मारने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है।उन्होंने कहा कि टिड्डयां जहां बैठेंगी वहां तत्काल अग्निशमन विभाग कीटनाशकों का छिड़काव करेगा।

सुबह शुक्लागंज क्षेत्र से उड़ा टिड्डियों का दल हवा के रुख के अनुसार कानपुर में प्रवेश कर गया, गंगा कटरी ख्योरा के रास्ते टिड्डियां रिहायश इलाके के ऊपर से गुजरीं तो दहशत फैल गई। लोगों थाली-बर्तन बजाने लगे, दल उड़ता हुआ विकास नगर के पास से यूपीएसआइडीसी के ऊपर से गुजारा तो वहां रहने वाले लोगों ने दरवाजे खिड़की बंद कर लिए और कमरों में दुबक गए। उड़ान भरता हुए दल बिठूर के गांवों से होते हुए पेम गांव पहुंच गया, जहां पर ग्रामीणों की सजगता से ढोल नगाड़े पटाखे छूटाकर व तालियां बजाकर भगाया।