कानपुर, जेएनएन। ताबड़तोड़ वारदातों के चलते कानपुर नगर अपराध नियंत्रण में बेहतर 10 जिलों की सूची में शामिल नहीं हो सका। दिनदहाड़े हो रहे कत्ल और लूट की घटनाएं ही नहीं, महिला अपराधों के चलते भी शहर की छवि खराब ही रही। हालांकि रेंज के तीन जिले इटावा, औरैया और कानपुर देहात टॉप-10 की सूची में शामिल हुए हैं।

शनिवार को प्रदेश सरकार ने अपराध व कानून व्यवस्था में 10 सबसे अच्छे और 10 सबसे खराब जिलों के नाम घोषित किए हैं। दोनों ही सूची में कानपुर का नाम शामिल नहीं है लेकिन इटावा ने सूची में तीसरा, औरैया ने चौथा और कानपुर देहात ने सातवां स्थान हासिल किया है। इन तीनों ही जिलों में इस साल अब तक डकैती की एक भी घटना नहीं हुई। वहीं इटावा में लूट की सात, औरैया में 22 और कानपुर देहात में चार घटनाएं ही सामने आईं। इसी तरह हत्या की इटावा में 26, औरैया में 20, कानपुर देहात में 13 वारदात हुईं। आइजी रेंज मोहित अग्र्रवाल ने बताया कि इटावा, औरैया व कानपुर देहात ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। कानपुर शहर बड़ा जिला है और यहां पहले के मुकाबले अपराधों में कमी आई है और 90 फीसद से ज्यादा मामलों का पर्दाफाश किया गया है।

कानपुर में दो डकैती और 24 लूट

कानपुर नगर में डकैती के दो, लूट के 24 और हत्या के 13 मामले सामने आए हैं। इसी वजह से कानपुर अपराध नियंत्रण रैंकिंग में पिछड़ गया। हालांकि आइजी ने कहा कि रेंज में सीओ की रैंकिंग शुरू किए जाने के बाद सुधार दिखा है और अगली सूची में कानपुर जरूर टॉप-10 में शामिल होगा।

गैंगस्टर पर कार्रवाई में कानपुर टॉप पर

अपराधियों और गैंगस्टर के खिलाफ कार्रवाई में कानपुर जिला टॉप पर है। यहां गैंगस्टर के 99.3 फीसद अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है। आइजी ने बताया कि कानपुर में 95 मुठभेड़ में करीब 104 शातिर अपराधी घायल हुए और उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचाया गया।

Posted By: Abhishek

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