जागरण संवाददाता, कानपुर : शहर में अंधाधुंध जल दोहन हो रहा लेकिन, न तो किसी की जिम्मेदारी तय है और न ही कोई जवाबदेह है। कार्रवाई करने का अधिकार किसी को भी नहीं मिला है, न ही कार्रवाई करने के लिए कानूनी हथियार दिए गए हैं। पर्यावरण, जल संरक्षण के लिए अरबों रुपये की योजनाएं बनाने वाली सरकारें अभी तक भू-जल दोहन के लिए स्पष्ट नीति या संहिता नहीं बना पाई है जिससे मौजूदा समय में जल संसाधन का समुचित उपयोग हो, न कि व्यावसायिक उपयोग कर केवल जेबें भरने का काम।

भू-जल का अंधाधुंध दोहन रोकने और रीचार्ज के लिए प्रदेश में भू-जल विभाग स्थापित है। भू-जल विभाग के पास उद्योगों को अनापत्ति प्रमाणपत्र देने का काम है लेकिन, बिना लाइसेंस और नीति नियम के पानी का कारोबार करने वालों पर कार्रवाई का नहीं। कारण सीधा है, केंद्र या राज्य सरकार के स्तर पर अभी तक कोई जल दोहन संहिता नहीं बन पाई है। हालांकि इसके प्रयास हुए लेकिन, सहमति नहीं बन पाई और अधिकारी भू-जल के अंधाधुंध दोहन पर रोक नहीं लगा पा रहे हैं। इसके अलावा प्रदूषित पानी को सीधे भू-जल में मिलाया जा रहा है। ऐसे मे जहां भू-जल कम हो रहा वहीं प्रदूषित भी हो रहा।

--

2010 से वाटर कोड का इंतजार

भू-जल विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि वर्ष 2008 में केंद्र स्तर पर जल संहिता बनाने के लिए बोर्ड ने कवायद शुरू की थी। 2010 में इसका बिल ड्राफ्ट हो गया लेकिन अंतिम रूप नहीं दिया जा सका। कारण, उसमें प्रावधान कड़े रखे गए और नीति निर्धारकों में सहमति नहीं बन पाई। हालांकि मॉडल बिल बनाया गया है लेकिन उसमें काफी सुधार की जरूरत है।

--

यूपी को अपने बिल का इंतजार

प्रदेश सरकार को भू-जल बिल पास होने का इंतजार दो साल से है। वर्ष 2016 में बिल बनना शुरू हुआ और भू-जल बिल 2017 विभाग ने वेबसाइट पर भी डाल दिया। इस पर लोगों से सुझाव मांगे गए। इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया। इस पर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया जा सका।

--

दिखावा है आरडब्ल्यूएच सिस्टम

कई सरकारी विभागों के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम दिखावा मात्र है। आंकड़े यही बता रहे हैं। सरकारी तंत्र के कार्यालय और आवासों की संख्या 1500 है लेकिन, महज 15 विभाग और सरकारी आवासों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगा है। यानी सरकार के नुमाइंदों में महज एक फीसद ने इसका पालन किया है। निजी क्षेत्र की बात करें तो करीब 550 निजी आवासीय योजनाओं में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया गया है।

By Jagran