संवाद सहयोगी, घाटमपुर : नेयवेली पावर प्लांट में ब्वायलर का निर्माण करा रही एलएंडटी की अधीनस्थ कंपनी सीडीएन के भागने पर मजदूरों ने मंगलवार को उप मुख्य श्रमायुक्त (डिप्टी सीएलसी) आरके अग्रवाल के कार्यालय का घेराव कर नारेबाजी की।

एनयूपीपीएल संविदा कामगार यूनियन के महामंत्री अमित मिश्रा की अगुआई में डिप्टी सीएलसी के आफिस पहुंचे करीब 100 मजदूरों ने वेतन व फाइनल डिमांड न मिलने के चलते नारेबाजी की। वहां पहुंचे असिस्टेंट लेबर कमिश्नर (एएलसी) अश्विनी मणि त्रिपाठी ने मजदूरों की समस्याएं सुनकर एनयूपीपील व एलएंडटी के अधिकारियों को बुलाया। एनयूपीपीएल की तरफ से बिनू केपी और एलएंडटी की तरफ से साइट इंचार्ज जी जयशंकर पहुंचे। मजदूरों ने बताया कि वे सीडीएन कंपनी में काम करते हैं। उनका कई महीनों का वेतन नहीं मिला है। फाइनल डिमांड (कई तरह के भत्ते) भी बकाया है। सीडीएन कंपनी भाग गई है। एनयूपीपीएल प्रबंधन उनको प्लांट के अंदर नहीं घुसने दे रहा। एएलसी ने एनयूपीपीएल व एलएंडटी को फटकार लगाते हुए मजदूरों को भुगतान करने को कहा।

तीन दिन के अंदर देंगे अपना ब्योरा

एएलसी ने कहा कि मजदूर तीन दिन के अंदर अपना बकाए का ब्योरा देंगे। वे अपनी सारी डिटेल दें कि किसके कितने रुपये बकाया हैं। इसके बाद एलएंडटी भुगतान करेगा। भुगतान कराने की पूरी जिम्मेदारी एनयूपीपीएल प्रबंधन की रहेगी। एएलसी ने कहा कि जो मजदूर काम छोड़कर जाना चाहते हैं, उनका फाइनल डिमांड दे दिया जाएगा।

सीडीएन के पास मजदूर रखने का लाइसेंस ही नहीं

एएलसी की जांच में यह भी सामने आया कि सीडीएन कंपनी के मजदूर रखने का लाइसेंस ही नहीं था। इसके चलते सीडीएन कंपनी में काम करने वाले सभी मजदूर कर्मचारी एलएंडटी के माने जाएंगे। एलएंडटी ही इनका भुगतान करेगा।

-----------

पावर प्लांट में काम करने वाले सभी मजदूरों का पूरा रुपया दिलाया जाएगा। एलएंडटी व एनयूपीपीएल प्रबंधन के अधिकारियों से ये बात साफ कह दी गई है। भुगतान न होने पर कानूनी कार्रवाई होगी।

आरके अग्रवाल, उप मुख्य श्रमायुक्त

Edited By: Jagran