जासं, कानपुर: लगातार बारिश के चलते जर्जर इमारतों में रहने वालों को पुलिस सचेत कर रही है, लेकिन अपने ही एक थाने में हादसे के साये में नौकरी कर रहे पुलिसकíमयों की सुध नहीं ले रही। जी हा, बादशाहीनाका थाने में तैनात दारोगा और सिपाही हादसे के साये में नौकरी करने को मजबूर हैं। दो दिन से कार्यालय की छत से पानी टपक रहा है। शुक्रवार दोपहर तो अचानक छत का कुछ प्लास्टर गिरने लगा। इससे जवान सहम गए।

बादशाहीनाका थाना वर्षो से किराये पर ली गई पुरानी इमारत में चल रहा है। नए थाने के लिए कुलीबाजार सब्जी मंडी की जगह तीन वर्ष पूर्व खाली कराई गई थी और शासन की ओर से बजट आवंटित होने के बाद निर्माण कार्य शुरू कराया गया था, लेकिन अब तक इमारत बनकर तैयार नहीं हुई। इसके चलते पुलिसकर्मी पुरानी जर्जर इमारत में ही नौकरी करने के लिए मजबूर हैं। पिछले तीन दिन से लगातार बारिश होने के कारण थाने के कर्मचारी भी सहमे हैं, लेकिन मजबूरी के चलते कहीं जा नहीं सकते।

कर्मचारियों ने बताया कि गुरुवार से लगातार कार्यालय की छत से पानी टपक रहा है। उसके नीचे सीसीटीएनएस के कंप्यूटर लगे हुए हैं। उन्हें बचाने के लिए तिरपाल डालना पड़ा। शुक्रवार दोपहर तो अचानक कार्यालय की छत के एक हिस्से का प्लास्टर गिरने लगा। सभी कर्मचारी बाहर निकल आए और थाना प्रभारी को सूचना दी। इसके बाद उच्चाधिकारियों को जानकारी दी गई।

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बादशाहीनाका थाने का नया भवन बन गया है, लेकिन कुछ काम होने बाकी हैं। कार्यदायी संस्था से उसे जल्द पूरा करने के लिए कहा गया है। तब तक थाने के पुराने भवन में न्यूनतम पुलिसकíमयों की तैनाती के निर्देश हैं। जवानों को अलर्ट किया गया है।

-आनंद प्रकाश तिवारी, अपर पुलिस आयुक्त

Edited By: Jagran