जागरण संवाददाता, कानपुर: शुक्लागंज नये पुल से शहर को जोड़ने के लिए चार वर्षो से तैयार हो रहा झाड़ी बाबा पुल के दिसंबर में पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है। इसमें बाधा बन रहीं भूमिगत सीवर व पानी की लाइनों का हल निकाल लिया गया है। पुल के सुस्त काम के चलते पिछले चार वर्षो से शुक्लागंज से आने-जाने वाले लोग परेशान हो रहे हैं।

झाड़ी बाबा पुल के निर्माण के पीछे उन्नाव से कानपुर आने के दौरान शुक्लागंज गंगापुल पर लगने वाले जाम से निजात दिलाना था। गोलाघाट से झाड़ीबाबा पड़ाव तक 34 करोड़ की लागत से 849 मीटर लंबा बन रहा है। इसका निर्माण मार्च 2014 में शुरू हुआ। इसे जून 2016 तक समाप्त करना था, लेकिन काम सुस्त रफ्तार और पुल के रास्ते में आने वाली अतिक्रमण, सीवर लाइन व पानी की लाइन का निस्तारण न होने से पुल 2018 आने तक भी आधा अधूरा पड़ा है। निर्माण इकाई का कहना है कि पुल निर्माण में अवरोध बन रही सीवर व पानी की लाइन हटाने को संबंधित विभाग से रेट तय न होने से काम अटका इसको हल होने में ही देरी हुई है। इस पुल के न बनने से क्षेत्र में रहने वाले लोगों को लंबा चक्कर काटकर जाना पड़ रहा है वहीं इसके चलते शुक्लागंज से कानपुर को जोड़ने वाला करीब 46 करोड़ लागत से नये गंगापुल का उपयोगिता के हिसाब से प्रयोग नहीं हो पा रहा है क्योंकि इस पुल को शहर से जोड़ने वाले लिंक रोड को झाड़ी बाबा पुल (कैंट) के बनने के बाद जोड़ा जा सकता है। जिसका निर्माण अभी लटका है जिससे लोगों को इस पुल पर से आने के बाद कैंट होते हुए लंबा चक्कर काटकर आना पड़ रहा है। सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि कैंटोंमेंट क्षेत्र में सीवर, पानी की अंडर ग्राउंड लाइनों को हटाने में काफी समय लगा अब सारी बाधाएं दूर हो चुकी है। पुल को हर हाल में दिसंबर तक तैयार कर लिया जाएगा।

झाड़ी बाबा पुल पर एक नजर

पूर्व लागत 34.91 करोड़

आज की लागत 40 करोड़

लंबाई 849.20 मीटर

पिलर 22

मियाद जून 16 तक।

देरी दो वर्ष

नई मियाद दिसंबर 2018

Posted By: Jagran