जागरण संवाददाता, कानपुर: असोम के जोरहाट में हुए हेलीकाप्टर हादसे में शहीद एयरफोर्स के वारंट अफसर चंद्रप्रकाश बाजपेयी मंगलवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। हजारों नम आंखों ने उन्हें अंतिम विदाई दी।

काहू कोठी लाठी मोहाल निवासी 52 वर्षीय चंद्र प्रकाश बाजपेयी सात मार्च को जोरहाट में हुए हेलीकाप्टर हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। 11 मार्च को इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। सेना द्वारा विशेष विमान से उनका शव सोमवार रात को कानपुर लाया गया। मंगलवार दोपहर 12 बजे शव काहू कोठी स्थित शहीद के पैत्रक आवास पहुंचा तो वहां अंतिम दर्शनों के लिए भारी भीड़ जमा थी। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा था। परिजनों के कोहराम के बीच हजारों अश्रुपूरित नेत्रों ने शहीद को अंतिम विदाई दी। महापौर प्रमिला पांडेय भी शहीद को नमन करने पहुंचीं और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया। इसके बाद सेना के ट्रक पर शहीद का पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए भगवतदास घाट लाया गया। श्मशानघाट पर राजकीय सम्मान के साथ एयरफोर्स के जवानों ने सलामी दी। एयर कमाडोर एयरफोर्स स्टेशन चकेरी वीएन कुमार की ओर से पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित किया गया। तिरंगे में लिपटा शव देख जहां आंखें नम हो रही थीं, वहीं भारत माता की जय का उद्घोष माहौल में राष्ट्रभक्ति का संचार कर रहा था। शहीद के शव को उनके बड़े भाई रामकुमार ने मुखाग्नि दी।

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प्रशासन की नहीं रही नुमाइंदगी

शहीद के अंतिम संस्कार के समय एक बार फिर जिला प्रशासन, पुलिस व नेताओं का नकारात्मक रवैया देखने को मिला। महापौर प्रमिला पांडेय को छोड़कर कोई जनप्रतिनिधि नहीं पहुंचा, वहीं प्रशासन व पुलिस की नुमाइंदगी ही नहीं दिखी।

Posted By: Jagran