कानपुर, जेएनएन। शहर के घंटाघर स्थित सिद्धि विनायक मंदिर में आतंकी हमले की साजिश में पिछले साल गिरफ्तार कमरुज्जमां के फरार तीनों साथियों के घर की कुर्की की जाएगी। लखनऊ की नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआइए) कोर्ट ने किश्तवाड़ (जम्मू) के आरोपित ओसामा बिन जावेद, जहांगीर सुरूरी व रियाज अहमद उर्फ हजारी के खिलाफ कुर्की नोटिस जारी किया है। तीनों के गैरजमानती वारंट पहले ही जारी किए जा चुके हैैं। एनआइए टीम अब सेना की मदद से उनके घरों में नोटिस चस्पा करेगी।

पिछले साल 13 सितंबर को एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने शहर के चकेरी स्थित एक घर से असम के कमरुज्जमां उर्फ कमरुद्दीन उर्फ डॉ. हुरैरा को गिरफ्तार किया था। उस पर गणेश चतुर्थी के मौके पर मंदिर में हमले की योजना का आरोप है। मोबाइल फोन से रेकी करके बनाई गई सिद्धि विनायक मंदिर की साढ़े पांच मिनट की वीडियो क्लिप भी उससे बरामद हुई थी। ब्लैकबेरी मैसेंजर के जरिए वह दूसरे साथियों के संपर्क में था। एटीएस का दावा था कि वह जम्मू-कश्मीर से हथियार मंगाने वाला था।

एनआइए ने कमरुज्जमां को हिजबुल से जुड़े किश्तवाड़ निवासी आतंकी ओसामा बिन जावेद का साथी बताया था। ओसामा कानपुर में भी रुका था। किश्तवाड़ का ही जहांगीर सुरूरी व रियाज अहमद उर्फ हजारी भी आतंकी साजिश में शामिल बताया गया, लेकिन एनआइए उन्हें खोज नहीं पाई। हजारी पर ही हथियारों की खेप पहुंचाने की तैयारी का इल्जाम है। सूत्र बताते हैैं कि कोर्ट ने एनआइए से कुर्की नोटिस चस्पा करने संबंधी रिपोर्ट भी बुधवार को तलब की है।

अप्रैल 2017 में ओसामा से जुड़ा था कमरुज्जमां

बकौल एनआइए, कमरुज्जमां अप्रैल 2017 में ओसामा बिन जावेद के संपर्क में आया था। किश्तवाड़ में दोनों आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े और नौ महीने ट्रेनिंग ली। फिर, दोनों कानपुर आ गए। खुफिया एजेंसियां तभी से दोनों की तलाश में थीं। कमरुज्जमां को तो चकेरी में पकड़ लिया गया, पर ओसामा व उसके दो अन्य साथियों का पता नहीं लगा।

टॉवर मैकेनिक बनकर लिया था कमरा

कमरुज्जमां ने मोबाइल कंपनी का टॉवर मैकेनिक बताकर अहिरवां में उजियारी लाल यादव के घर किराये पर कमरा लिया था। वहां से हवाई अड्डा व एयर ट्रैफिक कंट्रोल का दफ्तर एक किलोमीटर दूर है।  

Posted By: Abhishek

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