जागरण संवाददाता, कानपुर : जरूरत और फैशन दोनों का संगम मोतीझील में लगे लेदर मेले में नजर आ रहा है। इस वजह से जहां युवा ग्राहकों की यहां अच्छी खासी संख्या दिखती है। वहीं मध्यम वर्ग का वह ग्राहक जो पहले दिन कीमतें भांपने आया था। दूसरे दिन उसने भी जमकर खरीदारी की।

मोतीझील में लगे चर्म निर्यात परिषद के लेदर मेले में कुल 50 स्टाल लगे हैं, जिसमें चमड़े की दैनिक उपयोग से लेकर फैशनेबल चीजें बहुतायत में उपलब्ध है। खासकर जूतों, पर्स, सैंडल, जैकेट और बैग की बड़ी डिमांड है। लेकिन इन सबके बीच लेदर ब्रेसलेट भी खूब बिक रहा है। पर्स आदि के साथ ब्रेसलेट बेच रहे मोहम्मद शोएब ने बताया कि लेदर ब्रेसलेट यहां चलन में बहुत कम है, लेकिन इस बार खासकर लड़कियों ने इसकी अच्छी खरीदारी की है। बैग और फुटवियर विक्रेता जफर हक ने बताया कि मेले का रिस्पांस बहुत अच्छा है। इससे लोगों के बीच वे नए प्रोडक्ट भी पहुंच रहे हैं जो हाल फिलहाल ही डिजाइन किए गए हैं। इसका फायदा मेला समाप्त होने के बाद भी मिलेगा। बैग, जूते और पर्स के विक्रेता विनोद कुमार यादव ने बताया कि यहां पर शोरूम के मुकाबले सामान सस्ता है। इसलिए लोग यहां खरीदारी में रुचि दिखा रहे हैं। पत्‍‌नी के साथ खरीदारी कर पर्स और की चेन आदि खरीदकर लौट रहे शिवांग शर्मा ने बताया कि कलेक्शन बहुत अच्छा है। इस तरह के मेले का आयोजन साल में दो बार किया जाना चाहिए। प्रदीप विश्नोई ने कहा कि पहले दिन यहां के रेट देखे थे। आज मैंने यहा बैग लिया। यह बाजार से सस्ता मिला है। दूसरी बात यहां शुद्ध चमड़ा मिलने की गारंटी है। चर्म निर्यात परिषद के चेयरमैन जावेद इकबाल और क्षेत्रीय निदेशक पल्लवी दुबे ने कहा कि यह मेला उत्पादों के प्रमोशन के लिए होता है। इस मामले में यह बेहद सफल हो रहा है।

Posted By: Jagran

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