जागरण संवाददाता, कानपुर : मंगलवार शाम युवती ने मेरे फोन पर काल की थी। वह रो रही थी और कह रही थी कि उसके साथ बहुत बुरा हुआ है। अपार्टमेंट की 10वीं मंजिल स्थित फ्लैट पर उसके बास ने बंधक बना लिया है। बाहर नहीं जाने दे रहे हैं। मुझसे मदद मागी थी। जल्दी आने को कहा था, लेकिन जब तक पहुंचा, देर हो चुकी थी। दुष्कर्म के बाद युवती की हत्या मामले में मृतका के दोस्त ने पुलिस को यही जानकारी दी।

कल्याणपुर के इंदिरानगर स्थित गुलमोहर अपार्टमेंट में रहने वाला डेयरी कारोबारी प्रतीक वैश्य मंगलवार शाम अपने दफ्तर में काम करने वाली गीतानगर निवासी युवती को ट्रेनिंग देने के बहाने 10वीं मंजिल स्थित फ्लैट पर लाया था। आरोप है कि यहा उसने युवती से दुष्कर्म किया और विरोध पर फ्लैट की बालकनी से नीचे फेंक दिया। पुलिस ने मृतका की बहन की तहरीर पर मुकदमा दर्ज करके आरोपित को जेल भेजा था। इसके बाद पुलिस ने फ्लैट में ही एसी की जाली से मृतका का फोन बरामद किया था। काल डिटेल से पता लगा कि घटना से पहले युवती ने अपने एक दोस्त को फोन किया था। पुलिस ने जब उस दोस्त से पूछताछ की तो उसने भी प्रतीक पर आरोप लगाए। युवक ने बताया कि उसकी दोस्त का परिवार काफी गरीब है। मा ही केवल मेहनत मजदूरी करके परिवार चला रही हैं। दोस्त भी उनकी मदद करना चाहती थी। वह तीन महीने से काम की तलाश में थी। एक दिन उसने अखबार में आरोपित की डेयरी कंसलटेंसी में नौकरी का विज्ञापन देखा। इंटरव्यू के बाद उसे आठ हजार रुपये वेतन पर नौकरी मिल गई थी। मंगलवार को नौकरी का तीसरा दिन था। शाम को अचानक उसका फोन आया। वह रो रही थी। कह रही थी बास बहुत बुरे हैं। उसके साथ बुरा किया है। अब फ्लैट से बाहर भी नहीं जाने दे रहे। आकर छुड़ा लो। युवक ने बताया कि वह जब उसकी मदद के लिए अपार्टमेंट पहुंचा तो देखा कि शव नीचे पड़ा था।

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अस्थायी जेल में मागी पानी की बोतल और खाने में पनीर

कानपुर : अपनी कर्मचारी से दुष्कर्म व हत्या करने के आरोपित कारोबारी को जरा भी पछतावा नहीं है। वह चौबेपुर अस्थायी जेल में भी सारी सुविधाएं चाहता है। जेल सूत्रों ने बताया कि पहले ही दिन आरोपित ने पानी की बोतलें और खाने में पनीर की माग की। कर्मचारियों ने इन्कार करने के साथ ही उसे समझा दिया कि यह उसका घर नहीं जेल है।

थाना प्रभारी वीर सिंह ने बताया कि कोविड नियमावली के तहत आरोपित को कोर्ट में पेश करने के बाद 10 दिन के लिए अस्थायी जेल में रखा गया है। समयसीमा पूरी होने के बाद जिला कारागार में शिफ्ट किया जाएगा। उधर जेल के कर्मचारियों ने बताया कि चार दिन में आरोपित ने किसी से कोई बात नहीं की। पहले दिन एक कर्मचारी से ब्राडेड पानी की बोतलें और पनीर खाने के लिए मागा था। जब उसे समझ में आ गया कि यहा कोई अतिरिक्त सुविधा नहीं मिलेगी तो वह शांत हो गया। डिमाड करते समय उसने कर्मचारी से कहा था कि वह कुछ दिन के लिए ही आया है। जल्द ही उसकी जमानत हो जाएगी। यही नहीं वह अन्य बंदियों पर भी रौब जमाता रहा। बोला, मेरे पापा ज्यादा दिन तक यहा नहीं रहने देंगे।

Edited By: Jagran