जागरण संवाददाता, कानपुर : पार्सल कंपनी के डिलीवरीमैन दिल्ली, बनारस, कानपुर, पटना समेत देश के कई शहरों में सोने के बिस्कुट और ज्वैलरी पहुंचाते हैं। इसके लिए उन्हें टास्क भी रास्ते में दिया जाता था। इससे साफ है कि सोने की डिलीवरी काफी गोपनीय तरीके से की जाती है। गुरुवार को पकड़े गए चारों डिलीवरीमैन से पूछताछ में यह बात सामने आई है।

पार्सल कंपनी के चारों डिलीवरीमैन सेंट्रल स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर पांच पर उतरे और प्लेटफार्म नंबर एक पर पकड़े गए। डिलीवरीमैन इस बात को स्वीकार कर रहे हैं कि उन्हें आगे जाने के लिए टास्क मिलना था। पूछताछ में बताया कि पहले भी कंपनी द्वारा बुक माल की दूसरे शहरों में डिलीवरी दी है। पार्सल कंपनी इसके लिए सराफा कारोबारियों से मोटी रकम लेती है।

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कानपुर में देनी थी डिलीवरी, हर पैकेट पर कोड

साढ़े तीन किलों सोने के साथ पकड़े गए डिलीवरीमैन के पास कुछ दस्तावेज मिले, पर ज्यादातर ज्वैलरी के दस्तावेज उनके पास नहीं थे। सोने की डिलीवरी पटना अथवा बनारस में देनी है, इसके लिए उन्हें टास्क मिलना था। बताया जा रहा है कि एक व्यक्ति बनारस से आकर डिलीवरी लेने वाला था। चारों डिलीवरीमैन के पास बरामद बैग में अलग-अलग पैकेट मिले हैं, जिसमें कोड पड़े हैं। सोने की डिलीवरी इसी कोड के आधार पर देनी थी। पकड़े गए सोने का बड़ा हिस्सा कानपुर में भी डिलीवर होना था और यहां से भी एक सर्राफ का माल लेकर दिल्ली जाना था। हालांकि बरसात के चलते यह लोग सेंट्रल स्टेशन से बाहर नहीं निकल सके और पकड़े गए।

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..तो कोरियर कंपनी की भी है मिलीभगत

पार्सल बुकिग की बात करें तो नियम है कि कोरियर कंपनियां किसी भी बड़े पैकेट का वजन और उसकी स्कैनिग के बाद ही माल बुक करेंगी ताकि तस्करी, जीएसटी चोरी और हवाला जैसे कारोबार पर रोक लगाई जा सके। चारों डिलीवरीमैन के पास जिस तरह से साढ़े तीन किग्रा सोना और ज्वैलरी मिली है, जाहिर है कोरियर कंपनी इसकी बुकिग से इन्कार कर बच नहीं सकती है। प्रथम दृष्टया सोने पर जीएसटी और आयकर चोरी की बात सामने आ रही है। आयकर और जीएसटी विभाग की टीमें जांच में जुटी हैं।

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आयकर के निर्देश पर होगी कार्रवाई

जीआरपी सीओ कमरूल हसन खान ने बताया कि चार लोगों पर संदेह के बाद जीआरपी ने जांच पड़ताल की तो उनके पास बड़ी मात्रा में सोना मिला। कुछ के दस्तावेज डिलीवरी मैन के पास मिले हैं जबकि शेष ज्वैलरी के दस्तावेज उन्होंने दिखाने की बात कही है। आयकर और जीएसटी अधिकारी भी पूछताछ कर चुके हैं। मामला संदिग्ध इसलिए उन्हें थाने में बिठाया गया है। आयकर अधिकारियों के निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Edited By: Jagran