विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

बवासीर की सिंकाई करते-करते अंदर चला गया डेढ़ किलो का पत्थर, 48 घंटे तक मलद्वार में फंसा रहा

Published: Wed, 07 Oct 2026 04:12 PM (GMT+05:30)

कानपुर के उर्सुला अस्पताल में 45 वर्षीय व्यक्ति के मलद्वार से डेढ़ किलो का पत्थर सर्जरी कर निकाला गया। बवासीर ...और पढ़ें

मलद्वार से निकाला गया डेढ़ किलोग्राम का पत्थर।

मलद्वार से निकाला गया डेढ़ किलोग्राम का पत्थर।

HighLights

  1. कानपुर के उर्सुला अस्पताल में डेढ़ किलो पत्थर की सर्जरी।

  2. 45 वर्षीय व्यक्ति के मलद्वार से निकाला गया पत्थर।

  3. बवासीर के इलाज में गर्म पत्थर अंदर चला गया था।

जागरण संवाददाता, कानपुर। उर्सुला अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर में 45 वर्ष के व्यक्ति के मलद्वार से करीब डेढ़ किग्रा का पत्थर सर्जरी कर निकाला गया।

बवासीर से राहत पाने के लिए सिंकाई करते समय गर्म पत्थर मलद्वार में चला गया था। करीब 48 घंटे तक यह पत्थर युवक के मलद्वार में रहा, जिसे सर्जन डॉ. प्रशांत मिश्रा व उनकी टीम ने सर्जरी कर बाहर निकाला।

सरसैया घाट निवासी 45 वर्षीय युवक को बवासीर की दिक्कत थी। मरीज ने किसी हकीम के कहने पर गर्म पानी में पत्थर डालकर सिंकाई की थी, जिससे उसे कुछ दिन आराम मिला।

मलद्वार में फंस गया था पत्थर

इस पर उसने हर दिन सिंकाई शुरू कर दी। शनिवार को सिंकाई के दौरान पत्थर मलद्वार में चला गया। इसके बाद दो दिन बाद उर्सुला अस्पताल में डॉ. प्रशांत मिश्रा की ओपीडी में दिखाने पहुंचा। एक्सरे जांच कराने पर डॉक्टर को पत्थर फंसे होने की जानकारी मिली।

पूरी तरह स्वस्थ है व्यक्ति

डॉ. प्रशांत ने बताया कि सर्जरी के दौरान पत्थर के आंतों में ऊपर जाने का खतरा बना हुआ था, अगर ऐसा कुछ होता तो ओपन सर्जरी करनी पड़ती। बताया कि पत्थर मलद्वार के मुंहाने पर फंसा था, जिसे सर्जिकल उपकरणों की मदद से निकाला गया। अब व्यक्ति पूरी तरह से स्वस्थ है।

यह भी पढ़ें- वाराणसी में गुप्त रोग के शर्तिया इलाज का मंडुवाडीह थाने के बाहर लगाया पोस्‍टर, फ‍िर पुल‍िस ने क‍िया डाक्‍टर का इलाज