कानपुर, जागरण संवाददाता। शहर में जीटी रोड पर भीषण जाम का कारण बनीं कई रेलवे क्रासिंग से छुटकारा दिलाने के लिए रेलवे बोर्ड के प्रयासों में तेजी दिखने लगी है। रेलवे बोर्ड के निर्देश पर दिल्ली से आई एक टीम ने शुक्रवार को फर्रुखाबाद रेलमार्ग पर अनवरगंज से मंधना तक ट्रैक का निरीक्षण कर सर्वे किया। इसके बाद सड़क मार्ग के जरिये पनकी से मंधना तक निरीक्षण किया।
इस कवायद से संकेत मिल रहे हैं कि जाम से निजात दिलाने के लिए सुझाए गए विकल्पों में रेलवे बोर्ड ने अनवरगंज-मंधना ट्रैक को हटाने की दिशा में कदम बढ़ाए दिए हैं। यह टीम रेलवे बोर्ड को अपनी सर्वे रिपोर्ट सौंपेगी। रेलवे बोर्ड के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर पीयूष अग्रवाल की अगुवाई में टीम ने पहले अनवरगंज से मंधना तक ट्रैक का निरीक्षण करके देखा कि इससे रेलवे और शहर को क्या नुकसान हो रहा है, इस पर रेलवे अधिकारियों से विचार विमर्श भी किया। मंधना से पनकी तक सड़क मार्ग से निरीक्षण करके देखा कि नया ट्रैक बिछाया जाए तो रेलवे को क्या लाभ हो सकता है।
एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर ने पूरी रिपोर्ट तैयार कर ली है जिसे रेलवे बोर्ड चेयरमैन के समक्ष रखेंगे। इलाहाबाद में दोनों जोन के बीच बैठक अनवरगंज से मंधना ट्रैक के मुद्दे पर इलाहाबाद में उत्तर मध्य जोन के महाप्रबंधक राजीव चौधरी व पूर्वोत्तर रेलवे जोन के महाप्रबंधक राजीव अग्रवाल के बीच भी वार्ता हुई। कानपुर सेंट्रल स्टेशन के डायरेक्टर डॉ. जितेंद्र कुमार भी बैठक में शामिल थे। डॉ. जितेंद्र कुमार ने बताया कि दोनों महाप्रबंधक के बीच हुई वार्ता पर कोई अंतिम मुहर नहीं लगी है। तीन दिसंबर को दोनों महाप्रबंधक के बीच फिर से वार्ता होगी।

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