जागरण संवाददाता, कानपुर : घाटमपुर तहसील के रामसारी गांव में स्थित चीनी मिल के पुन: संचालन की अब कोई उम्मीद नहीं है। ऐसे में इसकी बेकार पड़ी भूमि पर सोलर पावर प्लांट स्थापित करने की योजना है। शासन स्तर से भूमि की जानकारी मांगी गई। अतिरिक्त ऊर्जा विभाग ने मौका मुआयना कर अपनी रिपोर्ट भेज दी है। जल्द ही यह भूमि वैकल्पिक ऊर्जा विभाग (नेडा) के नाम हस्तांतरित होने की उम्मीद है। यहां पर करीब 15 मेगावॉट का प्लांट स्थापित हो सकता है।

घाटमपुर शुगर कंपनी लिमिटेड ने इस मिल की स्थापना की थी। इस मिल की आधारशिला मुख्यमंत्री रहते एनडी तिवारी ने रखी थी। तब घाटमपुर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर गन्ना होता था और फतेहपुर व हमीरपुर, कानपुर देहात आदि जिलों से भी बड़े पैमाने पर किसान गन्ना लेकर आते थे। लगातार घाटे में होने के कारण 2009 में मिल को बंद कर दिया गया था और फिर यहां की मशीनों और उपकरणों को नीलाम कर दिया गया। अब यहां 32 हेक्टेयर भूमि है जो चरागाह बन गई है। केंद्र सरकार बड़े पैमाने पर सोलर पावर प्लांटों की स्थापना करना चाहती है यही वजह है कि शासन ने भूमि का विवरण और प्लांट की स्थापना के लिए प्रस्ताव मांगा। प्रस्ताव भेज दिया गया है। यहां प्रस्तावित प्लांट ग्रिड से कनेक्ट होगा जो भी बिजली बनेगी वह सीधे ग्रिड में चली जाएगी।

काटर में भी 30 मेगावॉट का प्रस्ताव

घाटमपुर तहसील के काटर गांव में पिछले माह 30 मेगावॉट के प्लांट की स्थापना का प्रस्ताव भेजा गया है। यहां ग्राम समाज की 64 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है। काटर और चीनी मिल की भूमि पर प्रोजेक्ट मंजूर होने के बाद बिल्हौर के सिहुरा दाराशिकोह गाव में 53.980 हेक्टेयर, अनेई में 60.205 हेक्टेयर क्षेत्रफल में भी प्रोजेक्ट का प्रस्ताव तैयार होगा।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप