कानपुर, जागरण संवाददाता। खेल के जरिए अपनी काबिलियत का परिचय दे चुके खिलाड़ियों के लिए ओलंपिक एसोसिएशन की ओर से बनाई सामाजिक सेना जल्द ही एक्शन मोड में दिखेगी। जो आपदा में लोगों के लिए मदद के हाथ बढ़ाने के साथ उप्र सरकार की योजना योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करेगी। सामाजिक सेना के लिए हर जिले से ओलंपिक खेलों से पांच-पांच खिलाड़ियों को चुना गया था।

सामाजिक सेना के गठन का मुख्य उद्देश्य आपदा के दौर में जिला प्रशासन के हाथों को मजबूत करना होगा। सामाजिक सेना में विभिन्न ओलंपिक खेलों से बालक व बालिका वर्ग के पांच खिलाड़ियों को चुना गया था। जो शारीरिक रूप से दुरुस्त और काम करने को अग्रसर थे। जो संक्रमण और अन्य दैवीय आपदाओं में एक टीम के रूप में कार्य करने के लिए जल्द ही ग्रामीण क्षेत्रों में उतरेंगे। सामाजिक सेना के खिलाड़ी वैक्सीनेशन को बढ़ावा देने के साथ आपदा के दौर में देश के लगभग सभी राज्यों में वालंटियर्स और सामाजिक संगठन प्रशासन के साथ मिलकर संक्रमण से जंग में योगदान देने वालों के साथ मिलकर कार्य करेंगे।

सामाजिक सेना के जरिए खिलाड़ियों की एक बड़ी टीम तैयार हो जाएगी। जो आपदा में प्रशासन के हाथों को मजबूत करने में योगदान देगी। उप्र एमेच्योर बाक्सिंग एसोसिएशन के महासचिव प्रो. अनिल मिश्रा ने बताया कि खिलाड़ियों की सामाजिक कार्यों में सहभागिता सुनिश्चित करने की योजना समाज के लिए बेहतर है। इससे खिलाड़ियों को सामाजिक कार्य करने के लिए प्रेरित किया जा जाएगा और कुछ ही समय में जिलों से एक बड़ी टीम तैयार हो जाएगी।

Edited By: Abhishek Verma