जागरण संवाददाता, कानपुर: रूरा और अंबियापुर के बीच दुर्घटनाग्रस्त हुई मालगाड़ी के मामले में सोमवार को जोन की तीन सदस्यीय कमेटी ने जांच शुरू कर दी है। प्रथम चरण की जांच में कयास लगाए गए हैं कि वैगन की खामी के चलते कुछ टूटकर गिरा और हादसा हो गया। उच्च स्तरीय टीम ने जिम्मेदारों से यह सवाल भी पूछा कि आखिर किन परिस्थितियों में डीएफसी ट्रैक पर कोई मालगाड़ी न होने के बावजूद खाली मालगाड़ी को रेलवे ट्रैक से चलाने का निर्णय लिया गया। जांच अभी चल रही है।

दिल्ली से 15 अक्टूबर 2021 को कानपुर आ रही खाली मालगाड़ी के 24 डिब्बे पटरी से उतर गए थे। जिसके चलते अप लाइन 20 और डाउन लाइन 27 घंटे बाधित रही साथ ही 136 ट्रेनें प्रभावित हुई थीं जबकि 29 ट्रेनों को निरस्त करना पड़ा था। इस मामले में उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज मंडल के डीआरएम मोहित चंद्रा ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए थे। इसी क्रम में सोमवार को उप मुख्य संरक्षाधिकारी मनीषा गोयल, डिप्टी सीएसओ एसएनटी नरेंद्र कुमार और डिप्टी सीएसओ इंजीनियरिग आरके सिन्हा ने जांच शुरू कर दी है। सेंट्रल स्टेशन पर कई अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए हैं। जांच टीम ने गार्ड, लोको पायलट समेत करीब सात से नौ लोगों के बयान दर्ज किए हैं। आगे की कार्रवाई के लिए बयान दर्ज कराने वालों को मंडल बुलाकर पूछताछ की जाएगी। सेंट्रल पहुंचने से पहले टीम ने घटनास्थल का स्थलीय निरीक्षण किया। एसएनटी, मैकेनिकल और इंजीनियरिग विभाग से जुड़े टीम के सदस्यों ने दुघर्टना की स्थितियों का आकलन किया। वैगन से कुछ टूटकर गिरने के बाद हादसा होने और ट्रैक में खामी के चलते दुर्घटना होने की संभावना जताई जा रही है।

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