कानपुर, जेएनएन। शहर पर स्मॉग का खतरा मंडराने लगा है। सुबह और शाम ठंड के साथ पड़ रहे हल्के कोहरे और हवा में पहले से बढ़ी हानिकारक गैसें मिलकर लोगों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। रात के समय पडऩे वाली धुंध इसका प्राथमिक चरण है। सड़कों पर चलना मुश्किल हो रहा है। आने वाले दिनों में इसमें और अधिकता आएगी।

वातावरण में पर्टिकुलेट मैटर (पीएम 2.5), नाइट्रोजन डाईऑक्साइड (एनओटू), सल्फर डाईऑक्साइड (एसओटू), ओजोन गैस का घनत्व काफी अधिक है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी रिपोर्ट वायु गुणवत्ता सूचकांक के खराब हालत में होने की पुष्टि कर रही है। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. एसबी फ्रैंकलिन के मुताबिक दूषित गैसें वातावरण के सबसे निचली परत पर जमा हैं। ठंड बढऩे से इनका घनत्व धीरे-धीरे बढ़ेगा और कोहरे के साथ मिलकर स्मॉग बन जाएगा।

वायु प्रदूषण की भयावह स्थिति

गैसें            औसत    अधिकतम 

पीएम 2.5      316         372

एनओटू            76        136

एसओटू            15          27

कानपुर पांचवां सबसे प्रदूषित शहर

वायु प्रदूषण के मामले में कानपुर देशभर में पांचवें स्थान पर आ गया है, जबकि सोमवार को शहर का स्थान आठवां था। सूची में पहले नंबर पर पटना है।

शहर          एक्यूआइ

पटना             380

मुजफ्फरपुर    336

वाराणसी        335

गाजियाबाद     326

कानपुर          316

मुरादाबाद       310

मंडी गोबिंदगढ़ 303

सिंगरौली         300

जबलपुर          292

(मात्रा माइक्रोग्राम पर क्यूबिक मीटर में है। )

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