कानपुर, जेएनएन। कानपुर उत्तर और दक्षिण में जिलाध्यक्ष के चुनाव 20 नवंबर को होने जा रहे है। हालांकि माना जा रहा है कि सर्वसम्मति से ही यह चुनाव होगा, लेकिन मतदान की नौबत आई तो छह मंडलों को अपना जिलाध्यक्ष चुनने का मौका ही नहीं मिलेगा। माना जा रहा है कि बड़े नेताओं के दखल और विवादों के चलते पार्टी ने छह मंडलों में अभी अध्यक्ष और प्रतिनिधि की घोषणा ही नहीं की है।

कानपुर उत्तर में कुल 14 मंडलों में 12 के ही परिणाम घोषित हुए हैं। कल्याणपुर और तिलकनगर मंडल में अभी अध्यक्ष और प्रतिनिधि की घोषणा नहीं हो सकी है। इसी तरह दक्षिण जिले में भी 13 में से नौ मंडलों में अभी अध्यक्षों की घोषणा हुई है। छावनी, बर्रा, यशोदानगर और श्यामनगर द्वितीय मंडल में अभी तक चुनाव का नतीजा घोषित नहीं किया गया है। छावनी में तो बाकायदा चुनाव के दौरान मारपीट भी हुई थी। जिसे लेकर प्रदेश तक शिकायतें हुई थीं। बाकी मंडलों में जिले के कई बड़े नेताओं का दखल आड़े आ रही है। 20 नवंबर से पहले इनकी घोषणा के आसार भी नहीं हैं। ऐसे में इन मंडलों की इस चुनाव में सहभागिता नहीं हो पाएगी।

चुनाव अधिकारी टटोलेंगे मतदाताओं का मन

जिलाध्यक्ष के चुनाव के लिए भाजपा सर्वसम्मति बनाकर ही काम करना चाहती है। ऐसे में मतदान की नौबत नहीं आएगी। इसी तैयारी की कड़ी में कानपुर उत्तर व दक्षिण के चुनाव अधिकारियों ने अपने-अपने जिलों के सभी मंडल अध्यक्षों व जिला प्रतिनिधियों के साथ बैठक की है। इस बैठक में जिलाध्यक्ष को लेकर उनके विचार जाने जाएंगे। इसके बाद जिले के प्रमुख भाजपाइयों व जनप्रतिनिधियों की भी राय जुटाई जाएगी। 20 नवंबर को नामांकन के साथ ही पूरा विवरण प्रदेश नेतृत्व को भेज दिया जाएगा।

Posted By: Abhishek

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