कानपुर, [अंकुश शुक्ल]। कुश्ती, भारोत्तोलन व पावर लिफ्टिंग में शहर के खिलाडिय़ों को श्रीराम अखाड़ा राष्ट्रीय पहचान दिला रहा है। कोच दुर्गेश पाठक खिलाडिय़ों को निखार रहे हैं। इस अखाड़े में प्रशिक्षण हासिल कर कई खिलाड़ी राष्ट्रीय फलक पर छा चुके हैं। अखाड़े की खास बात यह है कि यहां निश्शुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है। अखाड़े के दस पहलवान नवंबर में हरदोई में होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता की तैयारी में जुटे हुए हैं।

70 वर्ष पूर्व अखाड़े की स्थापना स्व. काली चरण दुबे ने की थी। वर्तमान में इसकी देखरेख स्वराज इंडिया में प्रशिक्षक दुर्गेश पाठक अन्य साथी खिलाडिय़ों की मदद से करते हैं। उन्होंने बताया कि आधुनिक दौर में जिम में जाने वाले खिलाडिय़ों की तुलना में यहां खिलाडिय़ों को कुश्ती व भारोत्तोलन की सीख दी जाती है। अखाड़े में खिलाडिय़ों को कुश्ती के दांव पेंच व भारोत्तोलन की अहम जानकारी दी जाती है। इसे हासिल कर खिलाड़ी अत्याधुनिक जिम के खिलाडिय़ों पर हावी रहता है। कम संसाधनों के बावजूद अखाड़े के पहलवानों ने राष्ट्रीय व प्रदेशस्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक जीत अपनी धाक जमाई। वर्तमान में श्रीराम अखाड़े में 150 से ज्यादा खिलाड़ी प्रशिक्षण हासिल करते हैं। इसमें ज्यादातर खिलाड़ी आर्थिक तंगी के बाद राष्ट्रीय पहचान बना रहे हैं।

अखाड़े के खिलाडिय़ों की उपलब्धियां

-2010 हैदराबाद में हुई राष्ट्रीय सब जूनियर कुश्ती में धीरेंद्र पाठक ने स्वर्ण पदक जीता।

-2018 हिमाचल प्रदेश में हुई राष्ट्रीय पावर लिफ्टिंग में रितिक गुप्ता ने स्वर्ण पदक जीता।

-2013 में चेन्नई में हुई राष्ट्रीय पावर लिफ्टिंग में नवाब हुसैन ने बेहतर प्रदर्शन किया।

-2013 में आल इंडिया रेसलिंग में अखाड़े के ही मनीष चतुर्वेदी शीर्ष स्थान पर रहे।

-इसके अलावा पंकज सिंह, बृजेश यादव, वैभव भूषण, जसविंदर सहित दर्जनों खिलाड़ी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुके हैं।

यह खिलाड़ी राष्ट्रीय प्रतियोगिता में करेंगे प्रतिभाग

रितिक, रितिक गुप्ता, नवाब हुसैन, सनी, बृजेश, वीरेंद्र, दीपक, प्रत्यूष, वैभव व अमित।  

Posted By: Abhishek

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