कानपुर, जागरण संवाददाता। उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन अली जैदी ने कहा है कि वक्फ की जमीनों को शत्रु संपत्ति दिखाने पर जिलाधिकारी को अभिलेख उपलब्ध कराए जाएंगे। इस पर भी अगर शत्रु संपत्तियों की सूची से नाम नहीं हटाया गया तो कोर्ट जाएंगे। उन्होंने कानपुर आकर वक्फ संपत्तियों का निरीक्षण करके जायजा लिया। 

ग्वालटोली स्थित वक्फ मोतमुद्दौला को प्रशासन ने शत्रु संपत्ति घोषित किया है। यहां पहुंचकर उन्होंने कहा कि वक्फ संपत्तियों के संरक्षण के लिए कार्य किए जा रहे हैं। प्रदेश में 12,500 शिया वक्फ संपत्तियां हैं, लगभग 50 प्रतिशत पर कब्जे हैं। कब्जों को लेकर मुतवल्लियों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा जा रहा है। वक्फ संपत्तियों पर स्कूल व अस्पताल बनाए जाएंगे, जिसके लिए संपत्तियों के जीआइएस सर्वे का 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इससे वक्फ संपत्तियों का नक्शा तैयार कर सुरक्षा की जा सकेगी।

उन्होंने कहा कि वक्फ की जगहों पर रहने वालों को नियमित किया जाएगा। कहा कि मस्जिदों के इमामों का 12 हजार रुपये वेतन निर्धारित होना चाहिए। इसके लिए बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव रखा जाएगा। अल्पसंख्यकों के लिए चलाई जा रही सरकारी योजनाओं की जानकारी उन तक पहुंचाने के लिए हेल्प डेस्क गठित की जाएगी। इससे अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र-छात्राओं को लाभ पहुंचेगा।

मस्जिदों से न हो सौहार्द बिगाड़ने वाली तकरीर : उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने वक्फ संपत्तियों के मुतवल्लियों, प्रबंध कमेटियों व प्रशासकों को निर्देश दिए हैं कि जुमा व अन्य नमाजों के दौरान मस्जिदों से ऐसी तकरीर व बयान न दिया जाए, जिससे आपसी सौहार्द व शांति व्यवस्था बिगड़ने की संभावना हो। मस्जिदों में नमाज के अतिरिक्त किसी भी तरह के जलसे के लिए भीड़ न एकत्र की जाए।

बड़ी कर्बला में मिली अव्यवस्थाएं : उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन ने नवाबगंज स्थित बड़ी कर्बला का निरीक्षण किया। इस दौरान शिया युवा यूनिट के पदाधिकारियों ने वहां की अव्यवस्थाएं दिखाईं। कब्जे खाली करवाने की मांग की। चेयरमैन ने कहा कि शहर की सभी वक्फ संपत्तियों की जांच होगी। इस दौरान नायाब आलम, शीनू, बब्बू, वसीम हैदर, तकी रजा आदि रहे।

Edited By: Abhishek Agnihotri