जागरण संवाददाता, कानपुर : चकेरी स्थित भाभा नगर में रेलवे ट्रैक के पास लापता युवती का झुलसा हुआ शव मिला। पुलिस ने जांच के बाद फोरेंसिक टीम बुलाकर साक्ष्य एकत्रित किए। सूचना पर पहुंचे स्वजन ने एक युवक और एक युवती पर बेटी को जिंदा जलाने का आरोप लगाकर पुलिस से शिकायत की।

श्याम नगर के गिरिजा नगर निवासी संतोष कुमार मिश्रा की 23 वर्षीय बेटी ज्योति शिवकटरा में एक कंसलटेंसी कंपनी में काम करती थी। सोमवार सुबह वह घर से ड्यूटी के लिए निकली थी। जब वह रात को घर नहीं पहुंची तो स्वजन ने फोन किया। फोन स्विच आफ होने पर स्वजन ने तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद भी जब ज्योति का कुछ पता नहीं चला तो देर रात चकेरी थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। मंगलवार सुबह भाभा नगर स्थित रेलवे ट्रैक के पासयुवती का झुलसा हुआ शव मिला। पुलिस को घटनास्थल के पास एक बैग और मोबाइल मिला, जिसमें मिले कागजात ज्योति के थे। स्वजन ने कपड़ों से शव की पहचान ज्योति के रूप में की। पीड़ित परिवार ने एक युवक और एक युवती पर बेटी की हत्या का आरोप लगाया। एसीपी कैंट मृगांक शेखर पाठक ने बताया कि घटनास्थल पर पेट्रोल का डिब्बा, माचिस व युवती का बैग मिला है, जो आत्महत्या की ओर इशारा कर रहा है। फिलहाल स्वजन ने अभी तक तहरीर नहीं दी है, लेकिन उनकी शिकायत पर मामले की जांच की जा रही है।

पति, जेठ और देवर को दस वर्ष कैद: दहेज प्रताड़ना के मामले में अपर जिला जज विनय कुमार सिंह ने पति, जेठ और देवर को दस-दस वर्ष कैद और दो-दो हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है।

सनिगवां निवासी मुकेश कुशवाहा की शादी यशोदा नगर की आरती के साथ 21 अप्रैल 2014 को हुई थी। शादी के बाद से ही ससुराल वाले दहेज के लिए उसे प्रताड़ित करने लगे। दहेज में फ्रिज और सोने की चेन की मांग की जाती थी। इस पर आरती की मां ने मुकेश को कई बार समझाया कि जो था पहले दे दिया। अब देने के लिए कुछ नहीं है। एडीजीसी ओमेंद्र कुमार दीक्षित और शिव भगवान गोस्वामी ने बताया कि लगातार प्रताड़ना से परेशान होकर आरती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। आरती की मां मुन्नी देवी की तहरीर पर चकेरी पुलिस ने पति मुकेश, जेठ अखिलेश, जेठानी सुलेखा और देवर सर्वेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। सुलेखा के खिलाफ चार्जशीट देर से आने के चलते उसका मुकदमा अलग चल रहा है जबकि अन्य तीनों आरोपितों को मंगलवार न्यायालय ने दोषी करार देते हुए सजा से दंडित किया है।

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