कानपुर। शास्त्री नगर का टीलेश्वर महादेव मंदिर श्रावण मास में भक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र रहता है। यहां महादेव के साथ कई देवी-देवताओं के दर्शन भक्तों को होते हैं। श्रावण मास और महाशिवरात्रि में शृंगार के बाद महादेव की शोभायात्रा निकाली जाती है। शहर के साथ आस-पास के जिलों से भक्त जलाभिषेक करने पहुंचते हैं। महादेव भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।

मंदिर का इतिहास

टीलेश्वर महादेव मंदिर का जीर्णोद्वार वर्ष 1956 में किया गया था। इसकी स्थापना कब हुई इसके बारे में कोई प्रमाण नहीं है। प्राचीन शिवलिंग वर्षों पहले ऊंचे टीले पर स्थित था, जिसके कारण मंदिर का नाम टीलेश्वर महादेव मंदिर पड़ा।

मंदिर की विशेषता

टीलेश्वर महादेव मंदिर में महादेव के साथ शिव परिवार, नंदी, संकट मोचन हनुमान प्रभु, विह्नहर्ता गणपति महाराज, माता गौरी, मां दुर्गा, सूर्य देव, भगवान कार्तिकेय, माता काली, लक्ष्मीनारायण, माता गायत्री और भगवान राधा-कृष्ण की प्रतिमाएं स्थापित हैं। प्राचीन शिवलिंग में महादेव की आकृति उभरी हुई प्रतीत होती है। मंदिर में पौराणिक कुआं भी हुआ करता था, जो अब पट गया है।

- श्रावण मास में सृष्टि के संचालन की जिम्मेदारी महादेव के पास होती है। ऐसे में महादेव का जलाभिषेक करने से भक्तों के संकट दूर होते हैं और उन्हें समृद्धि की प्राप्ति होती है। - सोमदत्त शुक्ला, पुजारी।

- टीलेश्वर महादेव मंदिर में भक्त दूर-दराज से विधिवत पूजन अर्चन के लिए आते हैं। महादेव श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित बेलपत्र और गंगा जल से प्रसन्न होकर मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। - दीपक राजपूत, सेवक।

Edited By: Abhishek Verma