कानपुर (जागरण संवाददाता)। लखनऊ में मारे गए आतंकी सैफुल्लाह के तीन चचेरे भाइयों इमरान को उन्नाव, फैसल को जाजमऊ स्थित घर और दानिश को मप्र के पिपरिया से गिरफ्तार होने के बाद भी परिवार उन्हें गुनहगार मानने को तैयार नहीं। परिवार अब भी यही दोहरा रहे हैं कि पुलिस उसके बेटों को फर्जी फंसा रही है।

जाजमऊ ताड़बगिया निवासी पिता नसीम अहमद के मुताबिक वह रिश्तेदार के घर शादी में गए थे, तभी उन्हें घर में पुलिस के आने की जानकारी हुई। पता चला कि पुलिस ने फैसल व इमरान को गिरफ्तार किया है। दानिश को पहले ही उठा लिया। उन्होंने दानिश को करीब तीन माह पहले कोई काम न करने पर भगा दिया था। लेकिन वह आतंकी हो जायेगा यह गलत है। मां फरीदा भी बेटों को निर्दोष बताती रहीं। हालांकि इमरान की पत्नी कुछ भी बोलने से कतराती रही।

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आतिफ ने दो माह से नहीं ली थी परिवार की खबर: जाजमऊ केडीए निवासी टेनरी संचालक एमएच नदवी की मौत के बाद बड़े बेटे अरशद ने फैक्ट्री संभाल ली। छोटे बेटे आतिफ ने लेदर डिजाइनिंग में कोर्स करने के लिए अलीगढ़ में दाखिला लिया था। सप्ताह में एक बार शहर आने वाले आतिफ ने परिवार से अचानक दो माह से संपर्क तोड़ दिया। परिवार ने कोई भी जानकारी न होने की बात कही। यहां तक उन्होंने उसकी गिरफ्तारी तक की जानकारी होने से इनकार कर दिया। जबकि, वह मध्य प्रदेश में गिरफ्तार किया जा चुका है।

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Posted By: amal chowdhury

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