कानपुर, जागरण संवाददाता। पत्नी और बच्चे पर मतांतरण का दबाव बनाने वाले केशवपुरम निवासी फर्नीचर कारीगर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरोप है कि वह इसके लिए पत्नी व बच्चे से अक्सर मारपीट करता था। महिला के अधिवक्ता पिता की तहरीर पर युवक के खिलाफ मतांतरण अधिनियम समेत अन्य धाराओं में कल्याणपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने युवक का शांतिभंग की आशंका में चालान किया है।

रावतपुर में रहने वाले अधिवक्ता गिरीश चंद श्रीवास्तव ने अपनी बेटी स्मिता की शादी ङ्क्षहदू रीति रिवाज के साथ 2015 में केशवपुरम निवासी फर्नीचर कारीगर धर्मेंद्र श्रीवास्तव के साथ की थी। दोनों के एक बेटा भी है। स्मिता के मुताबिक पति धर्मेंद्र के व्यवहार में दो साल से बदलाव नजर आने लगा। उसने हरे कपड़े में लिपटी हुई धार्मिक पुस्तक को अलमारी में रखते हुए मतांतरण की इच्छा जताई।

12 जनवरी को धर्मेंद्र ने पत्नी स्मिता व बच्चे पर भी जबरन मतांतरण का दबाव बनाया। विरोध करने पर धर्मेंद्र मौके से भाग निकला। आरोप है कि शनिवार को दोबारा घर पहुंचे धर्मेंद्र ने एक बार फिर मतांतरण के लिए पत्नी व बच्चे से मारपीट शुरू कर दी। तकिया से मुंह दबाकर उसे जान से मारने की भी कोशिश की। स्मिता की मकान मालकिन ने घटना की जानकारी उसके मायके वालों को दी। कल्याणपुर इंस्पेक्टर अशोक कुमार दुबे ने बताया कि मामले में पति पत्नी के बीच आपसी विवाद की बात भी सामने आ रही है।

धार्मिक स्थल में जाने के बाद हुआ था बदलाव : सूत्रों के मुताबिक दो वर्ष पहले धर्मेंद्र अपने कुछ साथियों के साथ अजमेर शरीफ गया था। कुछ दिनों बाद वह नमाज अदा करने के साथ रोजा भी रखने लगा था।

Edited By: Abhishek Agnihotri