कानपुर, जागरण संवाददाता। Religion Conversion Kanpur : संजयगांधी नगर के 11वीं के हिन्दू छात्र को घर पर नमाज पढ़ते देख मां ने डाटा तो गुरुवार शाम वह लापता हो गया। स्वजन ने जब उसके स्कूल के बैग की कापी देखी तो उसमें उर्दू में कई शब्द, हजरत अली, अल्लाह हू अकबर कई जगहों पर लिखे थे। कापी में दो युवकों के नाम भी थे।

इस पर पिता ने हनुमंत विहार थाने में स्कूल के तीन छात्रों पर अपहरण और मतांतरण की धारा में मुकदमा दर्ज कराया। छात्र को जयपुर की जीआरपी ने पकड़ लिया है। पुलिस और स्वजन वहां के लिए शाम को निकले हैं।

फर्श पर बैठ पढ़ रहा था नमाज

संजयगांधी नगर निवासी व्यापारी राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि बेटा ओम गुप्ता उर्फ वंश किदवई नगर स्थित मदर टेरेसा हायर सेकेंड्री स्कूल का छात्र है। पत्नी ने चार दिन पहले बेटे को अपने कमरे में फर्श पर बैठकर नमाज पढ़ते देखा तो घबरा गई और उसे डांट दिया था। तब से वह गुमसुम रहने लगा था। इसके बाद गुरुवार शाम करीब छह बजे वह बिना किसी को बताए घर से निकल गया था।

जब काफी देर बाद भी वह नहीं लौटा तो उसकी तलाश की गई और हनुमंत विहार पुलिस को जानकारी दी गई। घर पर उसका बैग देखा कि कापी में कहीं कोई नोट तो नहीं लिखा है। जब उसकी कापियां देखी तो कई पेजों में हिन्दी और अंग्रेजी में हजरत अली, अल्ला हू अकबर और उर्दू में कई शब्द व बेटे के साथ पहले हाईस्कूल में पढ़ने वाले फैसल इकबाल व अफजत खान का नाम लिखा मिला।

इस पर स्वजन ने पुलिस से संपर्क कर पूरी बात बताई और कापी दिखाई। जिसके बाद पिता ने दोनों छात्र व उनका एक दोस्त मोहम्मद हारुन के खिलाफ बेटे का अपहरण कर मतांतरण करने का मुकदमा दर्ज कराया।

आरोपित ने बताया, अजमेर गया वंश

थाना प्रभारी अभिलाष मिश्रा ने बताया कि आरोपित फैसल को उठाकर जब उससे पूछताछ की तो उसने बताया कि वंश अजमेर जाने की बात कह रहा था। इस पर उन्होंने कानपुर से अजमेर जाने वाली ट्रेन का समय पता कराया और बीच में पढ़ने वाले कई जिलों की जीआरपी पुलिस से संपर्क कर छात्र का पता करने की बात कही। शुक्रवार को जयपुर स्टेशन पर जीआरपी पुलिस ने वंश को पकड़ लिया। इसके बाद एक टीम स्वजन के साथ जयपुर के लिए निकल गई।

ब्रेनवाश करने का आरोप

हनुमंत विहार पुलिस ने बताया कि स्वजन का कहना है कि फैसल व उसके मुस्लिम दोस्त बेटे के संपर्क मेें कई माह से थे। वह लोग बेटे का ब्रेनवाश कर उसे उसका मतांतरण कराने के लिए उससे जुड़े थे। उन्हीं लोगों की वजह से बेटा घर पर नमाज तक पढ़ने लगा था।

Edited By: Abhishek Agnihotri