कानपुर, जेएनएन। शासन के अफसर प्राथमिक विद्यालयों में जो कायाकल्प का सपना देख रहे हैं, वह तय समय पर भी अधूरा रह सकता है। इसका मुख्य कारण है, स्कूलों में काम का पूरा न होना। दरअसल शासन से अलग-अलग कुल 19 बिंदु तय किए गए हैं, जिन पर काम कराया जाना है।

मगर, विभागीय अफसरों की मुस्तैदी के बावजूद काम में उतनी तेजी नहीं आ पा रही है, जितनी आनी चाहिए। बीएसए की ओर से कुछ दिनों पहले जब 10 विकासखंडों व सात समूह संसाधन केंद्रों (सीआरसी) की जो रिपोर्ट तैयार कराई गई, उसमें आंकड़े इस बात की गवाही दे रहे हैं कि अभी अधिकतम एक विकासखंड में 76 फीसद काम हुआ है। वहीं, अगर अन्य की स्थिति देखें तो बहुत काम होना बाकी है। दरअसल स्कूल महानिदेशक की ओर से कुछ दिनों पहले जो आदेश जारी हुए थे, उसमें निर्देश दिए गए थे कि मार्च 2022 तक सभी स्कूलों में कायाकल्प का काम पूरा कर लिया जाए। हालांकि, अभी लक्ष्य काफी दूर है। जो जिम्मेदार हैं, उनका कहना है कि विभिन्न कारणों से काम में देरी हुई है।

कोरोना के चलते कई माह बंद रहे स्कूल, फिर भी न हुआ काम: प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों का कहना है, कि कोरोना के चलते जब कई माह स्कूल बंद रहे, बावजूद इसके स्कूलों में काम नहीं हुआ। अगर अफसर चाहते, तो उन दिनों तेज गति से काम पूरा कराया जा सकता था। हालांकि, बीएसए डा.पवन तिवारी ने कहा कि तय समय पर सभी स्कूलों में कायाकल्प का काम पूरा कर लिया जाएगा।

आंकड़ों को देखें:

विकासखंड व सीआरसी      कुल काम हुआ (फीसद)

पतारा                       76

ककवन                      61

शिवराजपुर                   68

घाटमपुर                     74

कल्याणपुर                   77

बिल्हौर                     74

सरसौल                     74

चौबेपुर                     78

बिधनू                      74

भीतरगांव                   70

गोविंद नगर                 52

प्रेम नगर                   57

हरजेंदर नगर                51

नवाबगंज                   65

शास्त्री नगर                 51

सदर बाजार                 26

नौबस्ता                     54

Edited By: Shaswat Gupta