कानपुर, जेएनएन। भाजपा के पूर्व सांसद एवं रामजन्म भूमि न्यास के कार्यकारी अध्यक्ष रामविलास वेदांती ने कहा है कि अयोध्या में बाबर के होने के कोई प्रमाण नहीं हैं, जबकि रामलला से जुड़े कई प्रमाण मिल चुके हैं। कोर्ट में न्यायाधीशों ने सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकीलों से बाबर के होने का प्रमाण भी मांगा, जिसपर वो कोई उत्तर नहीं दे सके हैं। राम मंदिर मामले में 18 अक्टूबर तक सुनवाई होनी है और फिर 17 नवंबर तक फैसला आ जाएगा। इस फैसले के बाद केंद्र सरकार कानून बनाएगी और राम मंदिर का निर्माण शुरू हो जाएगा।

गुरुवार को शहर आए रामजन्म भूमि न्यास के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. राम विलास वेदांती ने पत्रकारों से वार्ता में मोदी सरकार की सराहना करते हुए कहा कि देश के संतों को पता हो गया है कि इस सरकार में ही राम मंदिर निर्माण की हर बाधा दूर होगी।

उन्होंने कश्मीर पुनर्गठन बिल लागू होने और अनुच्छेद 370 व 35 ए हटने को लेकर सरकार का ऐतिहासिक कदम बताया। कहा, मोदी सरकार अब जल्द ही जनसंख्या नियंत्रण कानून पर भी काम शुरू करने वाली है। हमको पूरा विश्वास है कि जिस तरह पीएम मोदी राष्ट्रीय विचारधारा के साथ काम कर रहे हैं, वह आने वाले 2024 के चुनाव में 400 से अधिक सीटों पर विजयी होंगे।

Posted By: Abhishek

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप