कानपुर, जेएनएन। प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने कहा है कि चुनाव का मौसम चल रहा है, जनतंत्र के इस महोत्सव में सभी को उत्साह के साथ शामिल होना चाहिए। कहा, जिन लोकसभा व विधानसभा क्षेत्र में सर्वाधिक मतदान होगा, वहां के रिटर्निंग ऑफिसर, असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर, पोलिंग ऑफिसर, पोलिंग एजेंट व निर्वाचित सदस्यों का राजभवन में अभिनंदन करेंगे। राज्यपाल रविवार को छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिये अपना संबोधन दे रहे थे।

कानपुर में दी गई राजर्षि की उपाधि

दीनदयाल शोध केंद्र व छत्रपति शाहूजी महाराज स्मृति मंच की ओर से हुए राजर्षि उपाधि शताब्दी समारोह में राज्यपाल ने कहा कि छत्रपति शाहू जी महाराज राजा होकर भी ऋषि थे, इसलिए उन्हें सौ साल पहले कानपुर में ही 'राजर्षि' की उपाधि दी गई। वह आधुनिक दृष्टिकोण रखने वाले थे, या यूं कहें उनका व्यक्तित्व युगदृष्टा जैसा था।

आरक्षण का शाहूजी महाराज ने किया था प्रारंभ

राज्यपाल ने कहा कि कोल्हापुर में वह कई साल तक रहे, इसलिए छत्रपति शाहू जी महाराज के कार्यों को देखा और समझा है। छत्रपति शाहूजी महाराज ने हमेशा समाज को शिक्षित करने का काम किया। पुरुषों के साथ ही महिलाओं के लिए भी समानता का व्यवहार किया। ये जो आरक्षण की बात होती है, उसका प्रारंभ छत्रपति शाहूजी महाराज ने किया।

शोषित समाज के उत्थान के लिए किया काम

मुख्य वक्ता साहित्यकार डॉ. सुनील कुमार लवटे ने छत्रपति शाहूजी महाराज के जीवन की स्मृतियों पर विचार व्यक्त किये। छत्रपति शाहूजी महाराज स्मृति मंच के अध्यक्ष रामचंद्र पटेल ने कहा कि उन्होंने दलित व शोषित समाज के उत्थान के लिए हमेशा काम किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सीएसजेएमयू की कुलपति प्रोफेसर नीलिमा गुप्ता व संचालन दीनदयाल शोध केंद्र के निदेशक डॉ.श्याम बाबू गुप्ता ने किया। छत्रपति शाहूजी महाराज स्मृति मंच की ओर से बनाई गई पुस्तिका का विमोचन किया गया।

Posted By: Abhishek