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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 21, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Raju Srivastav Death : सबको हंसाने वाले रुला कर चले गए हास्य कलाकार गजोधर भैया, घर पर लगा लोगों का तांता

By Nitesh MishraEdited By:
Published: Wed, 21 Sep 2022 03:16 PM (IST)

दिल्ली के एम्स में हास्य कलाकार राजू श्रीवास्तव का निधन हाे गया। इस पर कानपुर के नयापुरवा स्थित उनके घर ...और पढ़ें

राजू को याद करके रोया किदवई नगर का नयापुरवा।
राजू को याद करके रोया किदवई नगर का नयापुरवा।

कानपुर, जागरण संवाददाता। हास्य कलाकार राजू श्रीवास्तव के निधन की खबर सुनते ही नयापुरवा स्थित उनके घर पर सुबह से ही लोगों की भीड़ जुट गई। बहुत से लोग उनके निधन की खबर को अफवाह भी समझ रहे थे। इस पर उन्होंने उनके घर पहुंच छोटे भाई काजू श्रीवास्तव से पूछा। जब खबर सही निकली तो कई लोग रो पड़े।

नयापुरवा के राजेश कुमार, अमन ने बताया कि सुबह करीब साढ़े नौ बजे राजू चाचा के छोटे भाई काजू फोन पर बात करते हुए बाहर निकले और फोन कटने के बाद उनकी आंखों में आंसू देख लोगों ने उनसे पूछा क्या हुआ तो जवाब था राजू नहीं रहे। यह सुनकर सभी स्तब्ध हो गए।देखते ही देखते लोगों की भीड़ उनके घर के बाहर लग गई। लोग काजू चाचा से पूछने और सांत्वना देने पहुंचने लगे।

राजू श्रीवास्तव हमारे बचपन के मित्र थे। उनके निधन से जो दुख हुआ है उसे बयां नहीं कर सकते हैं। वर्ष 1989 में वह मुंबई में उनके साथ थे। तब इलाहाबाद (अब प्रयागराज) के एक व्यक्ति ने उनसे बहुत जरूरत बता 500 रुपये मांगे थे। राजू के पास मात्र 300 रुपये थे और पूरे रुपये उसे दे दिए। पूछने पर बताया कि मुझसे ज्यादा उसे जरूरत है।- ज्ञानेश मिश्रा, व्यापारी नेता

राजू भइया ने सभी को हंसाया और जाते जाते हम सबको रुला गए। सुबह जब उनके निधन के बारे में जानकारी हुई तो ऐसा लगा कि मानो कुछ सेकेंड के लिए दिमाग ने काम करना ही बंद कर दिया हो। फिर उनके परिवार से भी बात की। बात सही थी राजू भैया हमारे बीच नहीं रहे।- अजीत सक्सेना उर्फ पिंकी

राजू भइया के लिए लोगों ने बहुत प्रार्थनाएं की हैं, लेकिन शायद भगवान हम लोगों से नाराज था। इसलिए हमारे राजू भाइया को हम सबसे छीन लिए। वह जब भी अपने घर आते थे तो लोगों को खूब हंसाते और सबकी समस्याएं पूछते थे। उन्हें पता चल जाए कि कोई बीमार है या मुसीबत तो घर आकर आर्थिक मदद करते थे।- जनक दुलारी

राजू भइया ने बचपन से सबको हंसाया और अब सबको रुलाकर हमेशा के लिए चले गए। हमें तो अभी भी विश्वास नहीं हो रहा है कि उनका निधन हो गया है। ऐसा लग रहा है कि जैसे कोई गलत खबर बता रहा है। कुछ देर बाद राजू भइया के सही होने की खबर आएगी। भगवान सच में ऐसा कर दे तो एक हजार का प्रसाद चढ़ाएंगे।- राधा

राजू चाचा के निधन की खबर सुबह पता चली। विश्वास नहीं हुआ तो उसके घर जाकर काजू चाचा से पूछा।उन्होंने भी बताया कि वह हमें छोड़ कर चले गए हैं। लोग घरों से बाहर निकल आए। हर किसी की जुबां पर राजू चाचा का नाम था। वह हमेशा लोगों की मदद करते थे।- विकास वर्मा उर्फ विक्की, नयापुरवा