कानपुर, जागरण संवाददाता। हमारा देश अपनी विद्वता के आधार पर फिर विश्वगुरु बनने की ओर अग्रसर है। नौजवान भारत और उसकी अहमियत को समझें और उसे विश्वगुरु बनाने में अहम भूमिका निभाएं। ये बातें छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के 33वें दीक्षा समारोह में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कही। उन्होंने सूबे के राच्यपाल राम नाईक के साथ छात्र छात्राओं को पदक और डिग्रियां भी भेंट कीं। 

गृह मंत्री ने कहा कि शिक्षा तो जीवन में अनवरत चलती रहती है, लेकिन दीक्षा सिर्फ गुरु से मिलती है। दीक्षा का मतलब संस्कार है। आप सभी की इच्छा शानदार कॅरियर और पैकेज की होगी। यह अच्छी बात है लेकिन जीवन यही मात्र उद्देश्य नहीं होना चाहिए। उन्होंने अमेरिका के वल्र्ड ट्रेड सेंटर पर हमले में विमान के पायलट का उदाहरण देते हुए कहा कि शिक्षा तो उसके पास भी थी लेकिन उसने लोगों की जिंदगियां ले लीं।
उन्होंने एक पुस्तक की चर्चा करते  हुए इंफोसिस और आतंकी संगठन अलकायदा के बीच तुलना का उदाहरण भी दिया। कहा कि दोनों जगह शिक्षित, समर्पित युवा काम करते है लेकिन सिर्फ संस्कार का फर्क है। संस्कार न होने से अलकायदा से जुड़े युवा विनाशकारी हो गए।
राजनाथ सिंह ने महान राजाओं के रूप में प्रभु राम और राजा हरिश्चन्द्र का नाम लिया। रावण को प्रकांड विद्वान और दौलतवान बताते हुए छात्रों को समझाया कि संस्कार और त्याग इंसान को महान बनाते हैं। इसके साथ ही भारत की विभिन्न खूबियां उदाहरण सहित समझाईं। बताया कि भारत मजबूत अर्थव्यवस्था बनकर भी उभर रहा है। भारत की ताकत भारतीयता, सांस्कृतिक विरासत और एकता में है। 


दौडऩे को तैयार उच्च शिक्षा : राज्यपाल
दीक्षा समारोह की अध्यक्षता करते हुए राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि प्रदेश में उच्च शिक्षा पटरी पर आ गई है और अब दौडऩे को तैयार है। समारोह में अधिकांश छात्राओं को मिले पदक और डिग्रियों पर खुशी जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का बेटी पढ़ाओ का चित्र यहां नजर आ रहा है। 
166 फीट ऊंचा ध्वज फहराया 
विश्वविद्यालय के दीक्षा समारोह में मुख्य अतिथि गृह मंत्री राजनाथ सिंह, विशिष्ट अतिथि उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा की मौजूदगी में राज्यपाल राम नाईक ने बटन दबाकर 166 फीट ऊंचा ध्वज फहराया। यह नजारा देखने के लिए कैंपस खचाखच भरा रहा। इस दौरान कुलपति प्रो.नीलिमा गुप्ता भी मौजूद रहीं।

Posted By: Abhishek