कानपुर, जेएनएन। रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाला गिरोह बेहद शातिर है। गैंग के सरगना की तलाश में जीआरपी लगातार छापेमारी कर रही है, लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़ा। पनकी स्थित अपने ठिकाने से भी वह जीआरपी के पहुंचने से एक घंटा पहले ही निकल गया था। गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश में जीआरपी की चार टीमें लगी हैं। रुड़की, इटावा, लखनऊ और चंदौली के पतों पर भी टीम भेजी गई हैं।

रेलवे में फर्जी तरीके से 13 युवकों को नौकरी दिलाने वाले गैंग का सरगना रुद्र प्रताप ठाकुर पनकी के रतनपुर में रहकर ठगी का गैंग चला रहा था। वह अपने रिश्तेदारों के मकान में शरण लिए था। गैंग के एजेंटों से जानकारी पर जीआरपी टीम रतनपुर पहुंची तो वह फरार हो चुका था। जीआरपी ने उसकी चार पहिया गाड़ी को जब्त कर लिया है। बताया जाता है कि उसने लखनऊ और इटावा में भी अपने ठिकाने बना रखे हैं। जीआरपी की चार टीमें रुद्र के साथ ही उसकी गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हैं।

ठगी का शिकार हुए युवकों में अंकुर ने बताया था कि रुड़की के प्रापर्टी डीलर राजेश भट्ट के कहने पर चार लाख रुपये रुद्र के खाते में ट्रांसफर किए थे। कई अन्य युवकों को भी राजेश ने रुद्र के पास भेजा था। जीआरपी ने राजेश की तलाश में भी एक टीम रुड़की भेजी है। दूसरे आरोपित अभिषेक पांडेय का ठिकाना चंदौली मिला है। एक टीम वहां भेजी जाएगी। अनुज व मोहित के पते ट्रेस किए जा रहे हैं। जीआरपी इंस्पेक्टर अजीत कुमार सिंह ने बताया कि पनकी के साथ ही कानपुर देहात में भी वांछित आरोपितों का सुराग मिला था। उनकी तलाश में टीमें भेजी गईं थीं। जल्द ही सभी आरोपित गिरफ्त में होंगे।

गैंग के दो एजेंट भेजे गए जेल

बेरोजगारों को रेलवे में फर्जी टीसी और पार्सल पोर्टर की नौकरी दिलाने वाले गैंग के दो सदस्यों को जीआरपी ने जेल भेज दिया। जीआरपी इंस्पेक्टर ने बताया कि पवन गुप्ता उर्फ रौनक और शिव नारायण त्रिपाठी उर्फ राहुल को कोर्ट में पेश किया गया, जहां न्यायालय ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। शुक्रवार को एजेंट दिनेश गौतम को जेल भेजा गया था।

कई युवक और हुए ठगी का शिकार

जीआरपी इंस्पेक्टर ने बताया कि गैंग के लंबे समय से सक्रिय होने की जानकारी मिली है। रुद्र प्रताप ने कई और युवकों को ठगी का शिकार बनाया है। जीआरपी ठगी के शिकार अन्य युवकों की तलाश भी कर रही है।

Edited By: Abhishek Agnihotri