जासं, कानपुर : हृदय, फेफड़े, भोजन की नली, लेप्रोस्कोपिक सर्जरी, घुटना प्रत्यारोपण व अन्य जटिल ऑपरेशन में रोबोटिक्स सर्जरी का इस्तेमाल हो रहा है। इससे बहुत बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं। रोगी की समस्या भी जल्द दूर हो जाती है। आइआइटी के विशेषज्ञ और छात्र रोबोटिक्स सर्जरी को बेहतर बनाने में तकनीक विकसित कर सकते हैं। यह बात श्री चित्रा त्रिनुअल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड टेक्नोलॉजी के एनेस्थिसियोलॉजी विभाग के प्रो. सुबिन सुकेशन ने कही। वह गुरुवार को आइआइटी के टेकटॉक कार्यक्रम में ऑनलाइन शामिल हुए।

उन्होंने कहा, अधिकतर उपकरण विदेशी तकनीक पर बने हैं। आइआइटियंस स्वदेसी तकनीक से स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बना सकते हैं। इस पर उद्यमिता विकास किया जा सकता है। स्टार्टअप इंक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर के इंचार्ज प्रो. अमिताभ बंदोपाध्याय समेत अन्य संस्थानों की फैकल्टी और छात्र शामिल हुए।

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस