जागरण संवाददाता, कानपुर: गंगा प्रदूषण मामले पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में आज सुनवाई प्रस्तावित है। सुनवाई के दौरान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व अन्य विभागों के अफसर अपना जवाब रखेंगे।

क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड डॉ. मोहम्मद सिकंदर ने बताया मुख्य रूप से परमिया नाले की रिपोर्ट पर चर्चा होने के आसार हैं। नाले में बहने वाले 42 एमएलडी गंदे पानी को कैसे शोधित किया जा सकता है, इस पर अफसरों को जवाब देना पड़ सकता है। इसके अलावा टेनरियों के मामले को लेकर भी सुनवाई के दौरान सवाल हो सकते हैं।

30 से ज्यादा नाले हुए थे चिह्नित: एनजीटी ने हरिद्वार से लेकर कानपुर तक गंगा में सीधे गिरने वाले नालों की संख्या पर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए थे। इस क्रम में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जल निगम व अन्य विभागों की ओर से शहर में 30 से ज्यादा नालों को चिह्नि किया गया। फिलहाल गंगा बैराज के समीप बह रहे परमिया नाले को लेकर सुनवाई शुरू हो चुकी है।

स्नान पर्व संबंधी रिपोर्ट शासन को जाएगी: महाशिवरात्रि पर हुए स्नान पर्व की पूरी रिपोर्ट प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से शासन को भेजी जायेगी। रिपोर्ट में यह जिक्र होगा कि स्नान पर्व के दौरान कितनी टेनरियों ने संचालन बंद रखा।

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