कानपुर, जेएनएन। जहां एक ओर प्रदेश भर में निजीकरण के विरोध में जंग छिड़ी हुई है वहीं, पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के प्रस्ताव के विरोध में कानपुर सहित प्रदेश भर में बिजली कर्मियों ने मशाल जुलूस निकाले। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों की लखनऊ में हुई गिरफ्तारीे पर पांच अक्टूबर से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार आंदोलन सोमवार से ही शुरू कर दिया गया। अभियंता संघ व संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारी मंगलवार को दोपहर 12 बजे काेतवाली में गिरफ्तारी देंगे। कार्य बहिष्कार होने फाल्ट अटैंड नहीं किये जायेंगे। बिजली संकट गहरायेगा।

पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश के संयोजक शैलेंद्र दुबे व अन्य केंद्रीय नेताओं की लखनऊ में हुई गिरफ्तारी के बाद बिजली कर्मियों ने पांच अक्टूबर को प्रस्तावित कार्य बहिष्कार को सोमवार से ही शुरू कर दिया है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के प्रवक्ता विजय त्रिपाठी ने बताया कि लखनऊ में पदाधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद अनिश्चित कालीन कार्य बहिष्कार आंदोलन शुरू कर दिया गया है। वहीं कार्य बहिष्कार से पहले अभियंता, अवर अभियंता व केस्को कर्मचारी परेड बिजलीघर पर एकत्र हुए। यहां से मशाल जुलूस निकाला गया। मशाल जुलूस सिविल लाइंस केस्को मुख्यालय पहुंचा। इस दौरान कहा गया कि निजीकरण से बिजली मंहगी होगी। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम का निजीकरण किसी के हित में नहीं है। मशाल जुलूस व बैठक में पूसे लाल, भगवान मिश्रा, अश्विनी चतुर्वेदी, देवेंद्र अग्रवाल, बीके अवस्थी, कपिल मुनी, विष्णु अवतार पाण्डेय, हशमत उल्लाह खां आदि रहे। उधर, केस्को संविदा कर्मचारी संगठन के महामंत्री दिनेश सिंह भोले ने कहा कि संयुक्त संघर्ष समिति को समर्थन देने के लिए मंगलवार को फैसला लिया जाएगा। 

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