कानपुर (जागरण संवाददाता)। इंजीनिय¨रग के डिप्लोमा कोर्स में छात्रों का ज्ञान केवल किताबों व प्रयोगशाला तक सीमित नहीं रहेगा। इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी व मैकेनिकल इंजीनिय¨रग समेत राजकीय पॉलीटेक्निक कानपुर की आठ ब्रांचों में कौशल विकास का पाठ्यक्रम जोड़ दिया गया है। इसे विज्ञान व तकनीकी विषयों में शामिल करके अध्याय बढ़ाए गए हैं। रोजगार से जोड़ने वाले प्रयोगात्मक अध्ययन को कोर्स का हिस्सा बनाने के लिए यह बड़ा बदलाव किया गया है।
अंतर्गत राजकीय पॉलीटेक्निक में इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रानिक्स, सिविल, इलेक्ट्रिकल, प्रोडक्शन मैकेनिक्स, मैकेनिकल ऑटो, केमिकल व इंस्ट्रूमेंटल कंट्रोल इन आठ ब्रांच की कक्षाएं नए पाठ्यक्रम के मुताबिक लगनी शुरू हो गई हैं। पॉलीटेक्निक के अकादमिक प्रमुख चंद्रेश कुमार उपाध्याय ने बताया कि इस नए कोर्स में छात्र-छात्राओं को नए उद्योगों को स्थापित करना व स्वरोजगार के बारे में भी बताया जाएगा। रोजगारपरक शिक्षा के लिए प्रयोगशालाएं भी बढ़ाई जाएंगी।
मान्यता फार्म भरने में गलतियों से बढ़ती है एआइसीटीई की दिक्कत
पॉलीटेक्निक के लिए मान्यता फार्म भरने में कई कालेज गलती कर जाते हैं। यह गलती अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआइसीटीई) की दिक्कत बढ़ा देती है। फार्म भरने का प्रशिक्षण देने के लिए बुधवार को प्रदेश में संचालित सभी 160 राजकीय पॉलीटेक्निक के प्रधानाचार्यो के लिए एक कार्यशाला हुई।
डा. अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी फॉर हैंडीकैप्ड में हुई इस कार्यशाला में एआइसीटीई के क्षेत्रीय अधिकारी डा. मनोज तिवारी ने बताया गया कि कई बार मान्यता के लिए भरे गए आवेदन फार्म में ब्रांच, फैकेल्टी, वूमेन कमेटी, एंटी रैगिंग कमेटी समेत अन्य जानकारियां गलत भर दी जाती हैं। जिससे एआइसीटीई के साथ कालेज प्रबंधन भी परेशान हो जाते हैं। समय भी अधिक लगता है। अगर सभी बिंदुओं को भली प्रकार समझ लिया जाए तो यह त्रुटि नहीं होगी।