जागरण संवाददाता, कानपुर : 2019 यानी अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए सभी राजनीतिक दलों ने कमर कसनी शुरू कर दी है। सत्तारूढ़ दल भाजपा ने जहां कार्यकर्ताओं को जनता में पैठ बनाने के निर्देश दे दिए हैं वहीं सपा-बसपा भी कोई मौका चूकना नहीं चाहती।

हाल में ही हुए उपचुनाव में भाजपा की हार ने पार्टी नेताओं को सोचने के लिए मजबूर कर दिया है। वहीं इन चुनावों में जीत के बाद समाजवादी पार्टी के हौसलों को पंख लग गए हैं। समाजवादी पार्टी के मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने स्पष्ट कर दिया है कि वह आगामी लोकसभा चुनाव विकास के मुद्दे पर ही लड़ेंगे। पार्टी नेताओं का कहना है कि भाजपा का सम्मोहन जनता से टूट रहा है। अगले चुनाव में जनता दिखा देगी कि शासन की बागडोर उसी को मिलेगी जो जनता का हित चाहता है। वहीं भाजपा के लिए मुश्किलें इस लिए भी बढ़ी हैं कि पार्टी कार्यकर्ता ही असमंजस मे हैं। भाजपा कार्यकर्ता परेशान हैं कि वह क्या मुंह लेकर जनता के पास जाएं और उन्हें क्या बता कर वोट देने की अपील करें। वहीं उपचुनाव में हार के बाद कांग्रेस को भी संजीवनी मिलने की उम्मीद जगी है। हालांकि 2019 में सत्ता कौन संभालेगा इसका फैसला तो जनता के हाथ में है, लेकिन राजनीतिक दल तैयारियों में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।

Posted By: Jagran

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