जागरण संवाददाता, कानपुर : माध्यमिक शिक्षा परिषद में जूते-मोजे सप्लाई करने के नाम पर करोड़ों की ठगी के मामले में पुलिस ने दो आरोपितों को जेल भेज दिया है। वहीं लखनऊ के गोदाम में रखे करोड़ों रुपये के माल को सील कर फरार अन्य आरोपितों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

जाजमऊ सरैया निवासी अलबासित एक्सम एक्सपोर्टर के मालिक फैसल आफताब लारी, उनके साथी राजपूत कंस्ट्रक्शन के गौरव व अजय राजपूत से माध्यमिक शिक्षा परिषद में जूते-मोजे सप्लाई करने के नाम पर करोड़ों की ठगी कर ली गई थी। लखनऊ गई चकेरी पुलिस टीम ने वहां पर छापेमारी कर गोदाम में रखे 1.10 लाख जूते-मोजे बरामद कर लिए। जिसकी कीमत करीब 3.81 करोड़ रुपये बताई जा रही है। बरामद माल लाने के लिए कानूनी प्रक्रिया तक पुलिस ने गोदाम को सील कर दिया।

चकेरी पुलिस ने मामले में खुद को फर्जी आइएएस अधिकारी बताने वाले देवनगर रायपुरवा निवासी आशीष यादव व पनकी गंगागंज निवासी राकेश को जेल भेज दिया है। दोनों से गिरोह से जुड़े लोगों के बारे में अहम सुराग हाथ लगा है। वहीं मामले में संदिग्ध सचिन ¨सह को छोड़ दिया गया है। सीओ कैंट अजीत चौहान ने बताया कि फरार आरोपितों की तलाश की जा रही। समय रहते तत्परता से करोड़ों का माल शातिरों के हाथ लगने से बचा लिया गया।

चकेरी इंस्पेक्टर प्रमोद शुक्ल ने बताया कि फरार आरोपित फर्जी पीसीएस विनोद ¨सह, खुद को डिप्टी डायरेक्टर बताने वाले आरके मिश्र, तक्षक शुक्ला व राहुल की तलाश में पुलिस की दो टीम लगी हैं। लखनऊ में गोमतीनगर, हजरतगंज, राजाजीपुरम व सरोजनीनगर में संभावित जगहों पर पुलिस ने छापेमारी कर रही है।

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